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आदेश के बावजूद नहीं हटाए कूड़े के ढेर
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:41 AM IST
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आदेश के बावजूद नहीं हटाए कूड़े के ढेर
छुटमलपुर (सहारनपुर)। मंडलायुक्त के आदेशों और जिला प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट के बावजूद रुड़की रोड पर लगे कूड़े के ढेर ग्राम पंचायत नहीं हटवा सकी है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर तो प्रतिकूल असर पड़ ही रहा है। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान को भी पलीता लग रहा है।
छुटमलपुर में रुड़की रोड पर स्थित एएचपी इंटर कालेज से सटा कर करीब दो सौ मीटर सड़क के दोनो तरफ कूड़े के अंबार लगे हैं। छुटमलपुर का सारा कूड़ा लाकर इसी जगह पर पिछले कई सालों से डाला जा रहा है। इसके चलते बदबू के कारण पास से गुजरना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कमिश्नर ने यहां सफाई करने के निर्देश दिए थे। एक संस्था के ललित मोहन धीमान और रवि त्यागी का कहना है कि पंचायत ने कूड़े को उठवाने की बजाए उसे वहीं पर फैलाकर खेतों की तरफ खींच दिया है। यह समस्या का समाधान नहीं है।
उधर प्रधान शमा प्रवीन का कहना है कि उन्होंने गड्ढे खुदवाकर कूड़ा दबवाने का काम किया था। बजट के अभाव और ग्राम पंचायत के पास जमीन न होने के कारण समस्या का स्थायी निदान नहीं हो पा रहा है।
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बजट के अभाव में सफाई कर्मचारी हटाए
छुटमलपुर। जिले की महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत मानी जाने वाली छुटमलपुर पंचायत ने अपने संविदा पर कार्यरत दस सफाई कर्मियों की बजट के अभाव में एक जनवरी से छुट्टी कर दी है। ऐसे में यहां सफाई का संकट गहरा गया है। अब यहां की बीस हजार की आबादी की सफाई का जिम्मा केवल चार नियमित सफाई कर्मचारियों पर आ गया है। इनमें से भी एक दिव्यांग है। ग्राम प्रधान शमा प्रवीन का कहना था कि चौदहवें वित्त का बजट आधा होने के कारण ऐसा करना मजबूरी बन गया था। अब तक इसी वित्त से यहां तैनात दस सफाई कर्मचारियों का वेतन दिया जाता था। अब उनका वेतन दिया जाना संभव नहीं है। वैसे भी पंचायत की तहबाजारी और साप्ताहिक पैठ से होने वाली आय पहले ही बंद हो चुकी है।
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। मंडलायुक्त के आदेशों और जिला प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट के बावजूद रुड़की रोड पर लगे कूड़े के ढेर ग्राम पंचायत नहीं हटवा सकी है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर तो प्रतिकूल असर पड़ ही रहा है। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान को भी पलीता लग रहा है।
छुटमलपुर में रुड़की रोड पर स्थित एएचपी इंटर कालेज से सटा कर करीब दो सौ मीटर सड़क के दोनो तरफ कूड़े के अंबार लगे हैं। छुटमलपुर का सारा कूड़ा लाकर इसी जगह पर पिछले कई सालों से डाला जा रहा है। इसके चलते बदबू के कारण पास से गुजरना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कमिश्नर ने यहां सफाई करने के निर्देश दिए थे। एक संस्था के ललित मोहन धीमान और रवि त्यागी का कहना है कि पंचायत ने कूड़े को उठवाने की बजाए उसे वहीं पर फैलाकर खेतों की तरफ खींच दिया है। यह समस्या का समाधान नहीं है।
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उधर प्रधान शमा प्रवीन का कहना है कि उन्होंने गड्ढे खुदवाकर कूड़ा दबवाने का काम किया था। बजट के अभाव और ग्राम पंचायत के पास जमीन न होने के कारण समस्या का स्थायी निदान नहीं हो पा रहा है।
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बजट के अभाव में सफाई कर्मचारी हटाए
छुटमलपुर। जिले की महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत मानी जाने वाली छुटमलपुर पंचायत ने अपने संविदा पर कार्यरत दस सफाई कर्मियों की बजट के अभाव में एक जनवरी से छुट्टी कर दी है। ऐसे में यहां सफाई का संकट गहरा गया है। अब यहां की बीस हजार की आबादी की सफाई का जिम्मा केवल चार नियमित सफाई कर्मचारियों पर आ गया है। इनमें से भी एक दिव्यांग है। ग्राम प्रधान शमा प्रवीन का कहना था कि चौदहवें वित्त का बजट आधा होने के कारण ऐसा करना मजबूरी बन गया था। अब तक इसी वित्त से यहां तैनात दस सफाई कर्मचारियों का वेतन दिया जाता था। अब उनका वेतन दिया जाना संभव नहीं है। वैसे भी पंचायत की तहबाजारी और साप्ताहिक पैठ से होने वाली आय पहले ही बंद हो चुकी है।