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सरोद और तबले की जुगलबंदी से जीता श्रोताओं का दिल
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:44 AM IST
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सहारनपुर। स्पिक मैके का जिला अधिवेशन शुक्रवार को सेंट मैरी एकेडमी मेें हुआ। इसमें प्रख्यात सरोद वादक पंडित तेजेंद्र मजूमदार और तबला वादक उस्ताद अकरम खान की जुगलबंदी चरम पर रही, जिसने दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। दोनों उस्तादों ने अधिवेशन में पहुंचे करीब 15 स्कूलों के बच्चों को अपने-अपने वाद्य यंत्रों की बारीकी भी समझाई।
अधिवेशन का शुभारंभ पंडित तेजेंद्र मजूमदार के सरोद वादन से हुआ। उन्होंने राग जौनपुरी का अलाप झोरझाला बजाया। युवाओं और बच्चों को सरोद से जोड़ने के लिए उन्हें सरोद की बारीकियां समझाई। साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में बताते हुए इससे जुड़ने की अपील की। अधिवेशन में जय शर्मा और निकिता के द्वारा स्पिक मैके के साथ 40 साल के कार्यकलापों की जानकारी दी गई। संरक्षक सुधीर जोशी ने कहा कि स्पिक मैके एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन का नाम है, जिससे जुड़ना हर किसी के लिए खास अनुभूति है। प्रधानाचार्य फादर एल थारसिस ने युवाओं को नई ऊर्जा के साथ स्पिक मैके के आंदोलन से जुड़ने की अपील की। पंकज मल्होत्रा ने कहा कि स्कूलों में युवाओं की समितियां बनाई गई हैं, जो अपने-अपने विद्यालय में स्पिक मैके की गतिविधियों को देखेगी। इस दौरान अनुज शर्मा, अनुराग सेठ, शैफाली मल्होत्रा, नंदिनी, गरिमा, पुष्पित, मयंक, तुषार आदि मौजूद रहे।
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अधिवेशन का शुभारंभ पंडित तेजेंद्र मजूमदार के सरोद वादन से हुआ। उन्होंने राग जौनपुरी का अलाप झोरझाला बजाया। युवाओं और बच्चों को सरोद से जोड़ने के लिए उन्हें सरोद की बारीकियां समझाई। साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में बताते हुए इससे जुड़ने की अपील की। अधिवेशन में जय शर्मा और निकिता के द्वारा स्पिक मैके के साथ 40 साल के कार्यकलापों की जानकारी दी गई। संरक्षक सुधीर जोशी ने कहा कि स्पिक मैके एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन का नाम है, जिससे जुड़ना हर किसी के लिए खास अनुभूति है। प्रधानाचार्य फादर एल थारसिस ने युवाओं को नई ऊर्जा के साथ स्पिक मैके के आंदोलन से जुड़ने की अपील की। पंकज मल्होत्रा ने कहा कि स्कूलों में युवाओं की समितियां बनाई गई हैं, जो अपने-अपने विद्यालय में स्पिक मैके की गतिविधियों को देखेगी। इस दौरान अनुज शर्मा, अनुराग सेठ, शैफाली मल्होत्रा, नंदिनी, गरिमा, पुष्पित, मयंक, तुषार आदि मौजूद रहे।
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