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नियमों का पालन करें और निडर होकर चलें
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:52 AM IST
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सहारनपुर। पुलिस अधीक्षक यातायात विनीत भटनागर ने कहा है कि चाहे स्कूल हो या फिर सड़क हो, नियमों का पालन करना जरूरी है। अनुशासन और नियम तोड़ा तो फिर जुर्माना भुगतना ही पड़ेगा। नियमों का पालन करें और निडर होकर चलें। यातायात पुलिस हर सहायता के लिए तैयार रहेगी।
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एसपी यातायात विनीत भटनागर ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन बहुत जरूरी है। स्कूली जीवन और पुलिस जीवन काफी मामलों में एक समान है। स्कूल में भी अनुशासन रहता है और पुलिस में भी अनुशासन, स्कूल में भी यूनिफार्म होती है और पुलिस महकमे में भी यूनिफार्म होती है। अनुशासन तोड़ने पर दोनों जगह कार्रवाई होती है। अनुशासन के बिना हर जगह कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों को सभी जानते हैं, लेकिन उनका पालन नहीं करते। जो नहीं जानते उनको जागरूक किया जाना जरूरी है। लेकिन जो जागरूक हैं, वह भी पालन नहीं कर रहे तो न सिर्फ अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी मुसीबत बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि सोते हुए को जगाना आसान है, लेकिन जागते हुए को जगाना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के वाहन चलाना नियम विरुद्ध है। लाइसेंस 18 वर्ष की उम्र के बाद ही बनता है। सिर्फ 50 सीसी से कम वाहन ही बिना लाइसेंस के चलाए जा सकते हैं। जो अभिभावक अपने बच्चों के हाथों में वाहन दे रहे हैं, वह अपने परिवार के लिए खतरा ले रहे हैं। लोग अपनी जिम्मेदारी को समझें और नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि डायल 100 से अब यूपी 100 सेवा लोगों को दी जा रही है। इसका ऐप भी आ गया है। एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर डाउनलोड करें और इसमें जानकारी फीड कर दें। उन्होंने कहा कि कहीं भी विषम स्थिति में वहां की लोकेशन के बारे में अथवा फोटो खींचकर भेजें। उन्होंने यूपी 100 की सेवा प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि मात्र दस मिनट में यूपी 100 सहायता के लिए पहुंचती है। उन्होंने वुमेन पावर 1090 के बारे में भी जानकारी दी।
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सीओ सिटी इंदु सिद्धार्थ ने कहा कि लड़कियों को सबसे पहले खुद को मानसिक रूप से मजबूत करना होगा। यह समझना होगा कि लड़कों से किसी भी तरह कम नहीं हैं लड़कियां। किसी भी परिस्थिति का डरकर नहीं डटकर सामना करें। रास्ते में किसी भी व्यक्ति के परेशान करने पर उसका मुकाबला करें, उससे डरें नहीं और शोर मचाकर लोगों को एकत्रित करें तथा मुंह तोड़ जवाब दें। उन्होंने कहा कि एक बार की चुप्पी और किसी भी समस्या से बचने के प्रयास से उससे पीछा नहीं छूटता। उन्होंने कहा कि लड़कियां खुद अनुभव कर सकती हैं कि कौन उन्हें किस नजर से देखता है, किस भावना से छूता है। उन्होंने कहा कि वुमेन पावर हेल्पलाइन 1090 पर कॉल करें, 100 नंबर पर कॉल करें। तुरंत सहायता के लिए पहुंचेगी पुलिस। उन्होंने कहा कि छात्रा घर से स्कूल और स्कूल से घर अकेले न जाए अन्य छात्राओं के साथ रहें। अनजान से कोई भी वस्तु न लें और न ही खाएं, रात को कहीं जाना है तो जिस रास्ते में ट्रैफिक चलता है उसी रस्ते से जाएं, सुनसान रास्ते से न जाएं। सबसे बड़ी बात यह है कि चुप्पी तोड़ें। किसी भी परेशानी को छुपाएं नहीं, अपने परिजनों, अध्यापकों को बताएं।
यातायात प्रभारी उप निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने कहा कि दो पहिया वाहनों को कंपनी सिर्फ दो लोगों के हिसाब से ही बनाती है, लेकिन तीन सवारी बैठा दिया जाए तो दुपहिया वाहन के न तो शॉकर सही काम करेंगे न ब्रेक लगाने पर संतुलित होकर मोटरसाइकिल रुक सकेगी। हेलमेट लोग पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पहनें। लोगों को उनकी जान सबसे अधिक कीमती है।
कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक गुरविंद सिंह, डाक्टर एमपी सिंह चावला, उप प्रधानाचार्या साधना शर्मा, राजीव दुबे, रवनीत कौर, भावना तोमर, संदीप सैनी ने सहयोग किया।
-- छात्र-छात्राओं के सवाल, अधिकारियों के जवाब
तनिष्का - जब ट्रैफिक लाइट ही नहीं हैं, तो ट्रैफिक कंट्रोल कैसे होगा ?
एसपी ट्रैफिक - शहर में ट्रैफिक लाइटें शीघ्र ही स्मार्ट सिटी के तहत लगने जा रही हैं। लेकिन लोग यातायात के नियमों का पालन करें तो यातायात व्यवस्था बिगड़े ही नहीं। यहां हर चौराहे की भौगोलिक स्थिति अलग है। अतिक्रमण है, मोड़ के लिए जगह नहीं है। जिस कारण जाम लगता है।
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शिवानी गोयल - भगत सिंह चौक पर रोजाना जाम लगता है, जाम में फंसने पर कुछ लोग छींटाकशी भी करते हैं ?
एसपी ट्रैफिक - जाम न लगने देने की व्यवस्था की जाएगी और छींटाकशी करने वालों के बारे में जानकारी दें, उनकी बाइक का नंबर हो या कुछ और जानकारी दें। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ओसामा- पुलिस दुपहिया वाहनों के असली कागज मांगती है, फोटोकॉपी नहीं मानती। जबकि हर समय असली कागज नहीं रखा जा सकता। सड़क पर पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है।
एसपी ट्रैफिक - चेकिंग में फोटो कॉपी मान्य नहीं है। मूल कागज ही दिखाने होते हैं। जिससे गलत व्यक्ति को पकड़ा जा सके। पार्किंग तो शहर में है ही नहीं। स्मार्ट सिटी के तहत कोर्ट रोड, जुबली पार्क, बस स्टैंड पर पार्किंग बनाई जाएगी।
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- गुरप्रीत कौर - हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद जब तक पुलिस आएगी, तब तक परेशान करने वाला भाग जाता है, तो क्या करें ?
सीओ सिटी - यह सही है कि सहायता के लिए पुलिस को आने में पांच से दस मिनट लग सकते हैं, लेकिन परेशान करने वालों की बाइक का नंबर नोट करें, शोर मचाएं, उनकी पहचान करें, हो सके तो मोबाइल फोन से उसका फोटो खींच लें, लोगों को एकत्रित करें। इससे परेशान करने वाले बच नहीं सकते।
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नवनीत सिंह - जेबरा क्रासिंग का कोई ध्यान नहीं रखता। वाहन तेजी से चलते हैं और दुर्घटना हो जाती है। उनका पालन नहीं कराया जा रहा।
एसपी ट्रैफिक - दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जेबरा क्रासिंग देखते ही लोग अपने आप वाहन को धीमा कर लेते हैं या फिर देखकर ही चलते हैं। लेकिन यहां लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जेबरा क्रासिंग बनी हुईं हैं। लोग जेबरा क्रासिंग नियम का पालन करें। लोग भी सिर्फ जेबरा क्रासिंग से ही सड़क पार करें।
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प्रेरणा - बिना लाइसेंस के कम उम्र के लोग वाहन चला रहे हैं, उन पर कार्रवाई नहीं हो रही?
एसपी ट्रैफिक - सिर्फ लाइसेंस न रखने वालों पर ही डेढ़ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना किया जा चुका है। सिर्फ जुर्माना करना या सजा करना समाधान नहीं है। लोगों को नियमों को आत्मसात करना होगा।
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अमिता - शहर में कुछ लोग तेजी से बाइक चलाते हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
एसपी सिटी - तेज रफ्तार खुद के लिए भी खतरा है। लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए। पकड़े जाने पर कार्रवाई भी होती है।
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अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एसपी यातायात विनीत भटनागर ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन बहुत जरूरी है। स्कूली जीवन और पुलिस जीवन काफी मामलों में एक समान है। स्कूल में भी अनुशासन रहता है और पुलिस में भी अनुशासन, स्कूल में भी यूनिफार्म होती है और पुलिस महकमे में भी यूनिफार्म होती है। अनुशासन तोड़ने पर दोनों जगह कार्रवाई होती है। अनुशासन के बिना हर जगह कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों को सभी जानते हैं, लेकिन उनका पालन नहीं करते। जो नहीं जानते उनको जागरूक किया जाना जरूरी है। लेकिन जो जागरूक हैं, वह भी पालन नहीं कर रहे तो न सिर्फ अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी मुसीबत बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि सोते हुए को जगाना आसान है, लेकिन जागते हुए को जगाना मुश्किल है।
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उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के वाहन चलाना नियम विरुद्ध है। लाइसेंस 18 वर्ष की उम्र के बाद ही बनता है। सिर्फ 50 सीसी से कम वाहन ही बिना लाइसेंस के चलाए जा सकते हैं। जो अभिभावक अपने बच्चों के हाथों में वाहन दे रहे हैं, वह अपने परिवार के लिए खतरा ले रहे हैं। लोग अपनी जिम्मेदारी को समझें और नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि डायल 100 से अब यूपी 100 सेवा लोगों को दी जा रही है। इसका ऐप भी आ गया है। एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर डाउनलोड करें और इसमें जानकारी फीड कर दें। उन्होंने कहा कि कहीं भी विषम स्थिति में वहां की लोकेशन के बारे में अथवा फोटो खींचकर भेजें। उन्होंने यूपी 100 की सेवा प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि मात्र दस मिनट में यूपी 100 सहायता के लिए पहुंचती है। उन्होंने वुमेन पावर 1090 के बारे में भी जानकारी दी।
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सीओ सिटी इंदु सिद्धार्थ ने कहा कि लड़कियों को सबसे पहले खुद को मानसिक रूप से मजबूत करना होगा। यह समझना होगा कि लड़कों से किसी भी तरह कम नहीं हैं लड़कियां। किसी भी परिस्थिति का डरकर नहीं डटकर सामना करें। रास्ते में किसी भी व्यक्ति के परेशान करने पर उसका मुकाबला करें, उससे डरें नहीं और शोर मचाकर लोगों को एकत्रित करें तथा मुंह तोड़ जवाब दें। उन्होंने कहा कि एक बार की चुप्पी और किसी भी समस्या से बचने के प्रयास से उससे पीछा नहीं छूटता। उन्होंने कहा कि लड़कियां खुद अनुभव कर सकती हैं कि कौन उन्हें किस नजर से देखता है, किस भावना से छूता है। उन्होंने कहा कि वुमेन पावर हेल्पलाइन 1090 पर कॉल करें, 100 नंबर पर कॉल करें। तुरंत सहायता के लिए पहुंचेगी पुलिस। उन्होंने कहा कि छात्रा घर से स्कूल और स्कूल से घर अकेले न जाए अन्य छात्राओं के साथ रहें। अनजान से कोई भी वस्तु न लें और न ही खाएं, रात को कहीं जाना है तो जिस रास्ते में ट्रैफिक चलता है उसी रस्ते से जाएं, सुनसान रास्ते से न जाएं। सबसे बड़ी बात यह है कि चुप्पी तोड़ें। किसी भी परेशानी को छुपाएं नहीं, अपने परिजनों, अध्यापकों को बताएं।
यातायात प्रभारी उप निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने कहा कि दो पहिया वाहनों को कंपनी सिर्फ दो लोगों के हिसाब से ही बनाती है, लेकिन तीन सवारी बैठा दिया जाए तो दुपहिया वाहन के न तो शॉकर सही काम करेंगे न ब्रेक लगाने पर संतुलित होकर मोटरसाइकिल रुक सकेगी। हेलमेट लोग पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पहनें। लोगों को उनकी जान सबसे अधिक कीमती है।
कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक गुरविंद सिंह, डाक्टर एमपी सिंह चावला, उप प्रधानाचार्या साधना शर्मा, राजीव दुबे, रवनीत कौर, भावना तोमर, संदीप सैनी ने सहयोग किया।
-- छात्र-छात्राओं के सवाल, अधिकारियों के जवाब
तनिष्का - जब ट्रैफिक लाइट ही नहीं हैं, तो ट्रैफिक कंट्रोल कैसे होगा ?
एसपी ट्रैफिक - शहर में ट्रैफिक लाइटें शीघ्र ही स्मार्ट सिटी के तहत लगने जा रही हैं। लेकिन लोग यातायात के नियमों का पालन करें तो यातायात व्यवस्था बिगड़े ही नहीं। यहां हर चौराहे की भौगोलिक स्थिति अलग है। अतिक्रमण है, मोड़ के लिए जगह नहीं है। जिस कारण जाम लगता है।
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शिवानी गोयल - भगत सिंह चौक पर रोजाना जाम लगता है, जाम में फंसने पर कुछ लोग छींटाकशी भी करते हैं ?
एसपी ट्रैफिक - जाम न लगने देने की व्यवस्था की जाएगी और छींटाकशी करने वालों के बारे में जानकारी दें, उनकी बाइक का नंबर हो या कुछ और जानकारी दें। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ओसामा- पुलिस दुपहिया वाहनों के असली कागज मांगती है, फोटोकॉपी नहीं मानती। जबकि हर समय असली कागज नहीं रखा जा सकता। सड़क पर पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है।
एसपी ट्रैफिक - चेकिंग में फोटो कॉपी मान्य नहीं है। मूल कागज ही दिखाने होते हैं। जिससे गलत व्यक्ति को पकड़ा जा सके। पार्किंग तो शहर में है ही नहीं। स्मार्ट सिटी के तहत कोर्ट रोड, जुबली पार्क, बस स्टैंड पर पार्किंग बनाई जाएगी।
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- गुरप्रीत कौर - हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद जब तक पुलिस आएगी, तब तक परेशान करने वाला भाग जाता है, तो क्या करें ?
सीओ सिटी - यह सही है कि सहायता के लिए पुलिस को आने में पांच से दस मिनट लग सकते हैं, लेकिन परेशान करने वालों की बाइक का नंबर नोट करें, शोर मचाएं, उनकी पहचान करें, हो सके तो मोबाइल फोन से उसका फोटो खींच लें, लोगों को एकत्रित करें। इससे परेशान करने वाले बच नहीं सकते।
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नवनीत सिंह - जेबरा क्रासिंग का कोई ध्यान नहीं रखता। वाहन तेजी से चलते हैं और दुर्घटना हो जाती है। उनका पालन नहीं कराया जा रहा।
एसपी ट्रैफिक - दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जेबरा क्रासिंग देखते ही लोग अपने आप वाहन को धीमा कर लेते हैं या फिर देखकर ही चलते हैं। लेकिन यहां लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जेबरा क्रासिंग बनी हुईं हैं। लोग जेबरा क्रासिंग नियम का पालन करें। लोग भी सिर्फ जेबरा क्रासिंग से ही सड़क पार करें।
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प्रेरणा - बिना लाइसेंस के कम उम्र के लोग वाहन चला रहे हैं, उन पर कार्रवाई नहीं हो रही?
एसपी ट्रैफिक - सिर्फ लाइसेंस न रखने वालों पर ही डेढ़ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना किया जा चुका है। सिर्फ जुर्माना करना या सजा करना समाधान नहीं है। लोगों को नियमों को आत्मसात करना होगा।
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अमिता - शहर में कुछ लोग तेजी से बाइक चलाते हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
एसपी सिटी - तेज रफ्तार खुद के लिए भी खतरा है। लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए। पकड़े जाने पर कार्रवाई भी होती है।
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