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दारुल उलूम समेत उलमा करेंगे खसरा रुबेला टीकाकरण में सहयोग
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:22 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। खसरा रुबेला से निपटने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। जिसमें दारुल उलूम सहयोग करेगा। इतना ही नहीं डब्ल्यूएचओ द्वारा 14 नवंबर को सऊदी अरब के जेद्दा शहर में होने वाले कार्यक्रम में दारुल उलूम का प्रतिनिधित्व भी करेगा।
खसरा रुबेला से बचाव के लिए टीकाकरण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने को लेकर यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ के जिम्मेदार जी जान से जुटा हुए हैं। इसी के तहत 14 नवंबर को सऊदी अरब के जेद्दा शहर में आयोजित होने वाले डब्ल्यूएचओ के जागरूकता कार्यक्रम में दारुल उलूम भारत का प्रतिनिधित्व कर इस मुहिम का हिस्सा बनेगा। यूनिसेफ के जिला कोआर्डिनेटर शहजाद अली ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खसरा रुबेला टीकाकरण में सहयोग के लिए कई बार दारुल उलूम प्रबंधतंत्र से मुलाकात कर चुके हैं। टीकाकरण की सफलता और प्रचार प्रसार के लिए सऊदी अरब में होने वाले कार्यक्रम में संस्था की ओर से उस्ताद मौलाना आरिफ जमील को प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वहीं, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने खसरा रुबेला टीकाकरण कराने के लिए मुस्लिम समाज से अपील की है। दोनों उलमा का कहना है कि सभी लोग 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को खसरा रुबेला से बचाव का टीका जरूर लगाएं। बड़ी बड़ी कंपनियों ने शोध करने के बाद इसके टीकाकरण को हरी झंडी दी है। इसका कोई नुकसान भी नहीं है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण सेंटरों के अलावा सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी सेंटरों और छोड़े बड़े मदरसों में इन्हें लगाने के प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने सभी से अपने बच्चों को खसरा रुबेला का टीकाकरण कराने की अपील की है।
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खसरा रुबेला से बचाव के लिए टीकाकरण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने को लेकर यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ के जिम्मेदार जी जान से जुटा हुए हैं। इसी के तहत 14 नवंबर को सऊदी अरब के जेद्दा शहर में आयोजित होने वाले डब्ल्यूएचओ के जागरूकता कार्यक्रम में दारुल उलूम भारत का प्रतिनिधित्व कर इस मुहिम का हिस्सा बनेगा। यूनिसेफ के जिला कोआर्डिनेटर शहजाद अली ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खसरा रुबेला टीकाकरण में सहयोग के लिए कई बार दारुल उलूम प्रबंधतंत्र से मुलाकात कर चुके हैं। टीकाकरण की सफलता और प्रचार प्रसार के लिए सऊदी अरब में होने वाले कार्यक्रम में संस्था की ओर से उस्ताद मौलाना आरिफ जमील को प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वहीं, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने खसरा रुबेला टीकाकरण कराने के लिए मुस्लिम समाज से अपील की है। दोनों उलमा का कहना है कि सभी लोग 9 माह से 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को खसरा रुबेला से बचाव का टीका जरूर लगाएं। बड़ी बड़ी कंपनियों ने शोध करने के बाद इसके टीकाकरण को हरी झंडी दी है। इसका कोई नुकसान भी नहीं है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण सेंटरों के अलावा सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी सेंटरों और छोड़े बड़े मदरसों में इन्हें लगाने के प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने सभी से अपने बच्चों को खसरा रुबेला का टीकाकरण कराने की अपील की है।
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