{"_id":"5aa96d364f1c1bb0758b55ab","slug":"181521052982-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह बाद भी खुलासा नहीं होने पर रोष जताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह बाद भी खुलासा नहीं होने पर रोष जताया
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। गांव कुरढ़ीखेड़ा में गोवंश का कटा सिर मिलने की घटना के आठ माह बाद भी खुलासा नहीं होने से हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं में रोष पनप रहा है।
बता दें कि गत वर्ष 26 जून को गोवंश का सिर मिलने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। एसडीएम ने मौके पर पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जल्द ही मामले के खुलासे का आश्वासन दिया था। इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर 24 फरवरी को हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने बजरंग दल के जिला सह संयोजक प्रमोद सैनी की अगुवाई में डीआईजी कार्यालय पहुंच कर डीआईजी शरद सचान से मामले के खुलासे की मांग की थी। इस पर डीआईजी ने सीओ बेहट से मामले की रिपोर्ट तलब की है। हिंदू संगठन के मुकेश कुमार, राम सिंह राणा, प्रमोद सैनी, रविन्द्र सिंह, अशोक कुमार, अरविंद राणा आदि का कहना है कि क्षेत्र में गोवंश तस्करी चरम पर है और पुलिस इसे रोक पाने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने चेताया कि यदि गोवंश की तस्करी और कटान बंद नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
बता दें कि गत वर्ष 26 जून को गोवंश का सिर मिलने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। एसडीएम ने मौके पर पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जल्द ही मामले के खुलासे का आश्वासन दिया था। इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर 24 फरवरी को हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने बजरंग दल के जिला सह संयोजक प्रमोद सैनी की अगुवाई में डीआईजी कार्यालय पहुंच कर डीआईजी शरद सचान से मामले के खुलासे की मांग की थी। इस पर डीआईजी ने सीओ बेहट से मामले की रिपोर्ट तलब की है। हिंदू संगठन के मुकेश कुमार, राम सिंह राणा, प्रमोद सैनी, रविन्द्र सिंह, अशोक कुमार, अरविंद राणा आदि का कहना है कि क्षेत्र में गोवंश तस्करी चरम पर है और पुलिस इसे रोक पाने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने चेताया कि यदि गोवंश की तस्करी और कटान बंद नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन