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डीआईओएस के आदेश में उलझे स्कूल संचालक
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:40 AM IST
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सहारनपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के अस्थि कलश के शनिवार 25 अगस्त को सहारनपुर पहुंचने की वजह से डीआईओएस ने 25 अगस्त को नगर के सभी बोर्ड के 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए थे। आदेश के ठीक अगले दिन शुक्रवार को नया आदेश जारी किया, जिसमें शनिवार को सुबह दस बजे तक स्कूल खोलने के नए आदेश से स्कूल संचालक उलझन में पड़ गए हैं।
दरअसल, डीआईओएस के द्वारा बृहस्पतिवार को जारी किए गए पहले आदेश को देखते हुए 12वीं तक के तमाम स्कूलों ने शुक्रवार को बच्चों की नोटबुक में शनिवार के अवकाश का नोट लिखकर भेजा है। सरकारी स्कूलों से भी शनिवार के अवकाश की घोषणा कर दी गई। जबकि डीआईओएस का दूसरा आदेश शुक्रवार की शाम लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से मिला। जिसमें शनिवार को सुबह दस बजे तक शिक्षण कार्य स्थगित कर स्कूल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अवकाश की घोषणा कर चुके या बच्चों को नोट दे चुके स्कूल संचालक उलझन में हैं। उधर, स्कूल संचालकों का कहना है कि सुबह दस बजे तक खोलने से भी बच्चों को परेशानी हो सकती है। उनका कहना है कि दस बजे स्कूल बंद करने के बाद भी बच्चों को बसों और अन्य वाहनों से घर तक पहुंचने में दो घंटे लग जाते हैं। ऐसी स्थिति में स्तिकलश के साथ लोगों की भीड़ बढ़ती है तो उससे शहर में फंसे स्कूली बच्चों को परेशानी हो सकती है।
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दरअसल, डीआईओएस के द्वारा बृहस्पतिवार को जारी किए गए पहले आदेश को देखते हुए 12वीं तक के तमाम स्कूलों ने शुक्रवार को बच्चों की नोटबुक में शनिवार के अवकाश का नोट लिखकर भेजा है। सरकारी स्कूलों से भी शनिवार के अवकाश की घोषणा कर दी गई। जबकि डीआईओएस का दूसरा आदेश शुक्रवार की शाम लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से मिला। जिसमें शनिवार को सुबह दस बजे तक शिक्षण कार्य स्थगित कर स्कूल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अवकाश की घोषणा कर चुके या बच्चों को नोट दे चुके स्कूल संचालक उलझन में हैं। उधर, स्कूल संचालकों का कहना है कि सुबह दस बजे तक खोलने से भी बच्चों को परेशानी हो सकती है। उनका कहना है कि दस बजे स्कूल बंद करने के बाद भी बच्चों को बसों और अन्य वाहनों से घर तक पहुंचने में दो घंटे लग जाते हैं। ऐसी स्थिति में स्तिकलश के साथ लोगों की भीड़ बढ़ती है तो उससे शहर में फंसे स्कूली बच्चों को परेशानी हो सकती है।
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