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नाले पर बने तीन मकानों की दीवारें गिरीं, दहशत में कई परिवार
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:09 AM IST
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सहारनपुर। मानकमऊ से सटी विल्सन का बाग कॉलोनी में नाले के किनारे बने तीन मकानों की दीवारें गिरने लगी। आनन फानन में लोग मकान छोड़कर बाहर निकल आए। इतना ही नहीं, नाले के किनारे पर बनी मस्जिद में भी दरारें आ गई हैं।
बाग कॉलोनी में पुराना 28 फुटा नाला बहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनाइजर ने कॉलोनी बसाते हुए नाले के आधे हिस्से का भराव कराकर उसमें रास्ता बना दिया। नाला कच्चा होने की वजह से पूरी कॉलोनी का पानी इसी नाले में भरता है, जिसकी वजह वहां कीचड़ बना हुआ है। शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे पहले तो शकील अहमद उसके बाद मशरूफ और सलीमुद्दीन के मकान की नाले की ओर बनी दीवारें गिर गईं। दीवारों गिरने की आवाज सुनकर घर में मौजूद लोग दूसरी साइड में खुले गेट से बाहर निकल गए। कुछ ही देर बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई। इन्हीं की बगल में बनी रजिया मस्जिद की पीछे की दीवार में भी दरारें आ गई हैं। नाले के किनारे दो दर्जन से अधिक मकान बने हैं, जिनमें रह रहे परिवार दहशत में हैं। स्थानीय निवासी गुलजार ने बताया कि वह अनेक बार नगर निगम को पत्र लिखकर नाले को पक्का बनवाने की मांग उठा चुके हैं, मगर अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। यदि समय रहते कदम न उठाया गया तो भारी नुकसान भविष्य में हो सकता है।
- नाले के कच्चा होने की वजह से मकानों की दीवारें गिरने का मामला गंभीर है। टीम को मौके पर भेजकर सर्वे कराया जाएगा। भविष्य में किसी भी तरह के नुकसान को होने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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बाग कॉलोनी में पुराना 28 फुटा नाला बहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनाइजर ने कॉलोनी बसाते हुए नाले के आधे हिस्से का भराव कराकर उसमें रास्ता बना दिया। नाला कच्चा होने की वजह से पूरी कॉलोनी का पानी इसी नाले में भरता है, जिसकी वजह वहां कीचड़ बना हुआ है। शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे पहले तो शकील अहमद उसके बाद मशरूफ और सलीमुद्दीन के मकान की नाले की ओर बनी दीवारें गिर गईं। दीवारों गिरने की आवाज सुनकर घर में मौजूद लोग दूसरी साइड में खुले गेट से बाहर निकल गए। कुछ ही देर बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई। इन्हीं की बगल में बनी रजिया मस्जिद की पीछे की दीवार में भी दरारें आ गई हैं। नाले के किनारे दो दर्जन से अधिक मकान बने हैं, जिनमें रह रहे परिवार दहशत में हैं। स्थानीय निवासी गुलजार ने बताया कि वह अनेक बार नगर निगम को पत्र लिखकर नाले को पक्का बनवाने की मांग उठा चुके हैं, मगर अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। यदि समय रहते कदम न उठाया गया तो भारी नुकसान भविष्य में हो सकता है।
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- नाले के कच्चा होने की वजह से मकानों की दीवारें गिरने का मामला गंभीर है। टीम को मौके पर भेजकर सर्वे कराया जाएगा। भविष्य में किसी भी तरह के नुकसान को होने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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