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संदिग्ध परिस्थितियों में मां ने बेटे के साथ जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:00 AM IST
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सहारनपुर। जनकपुरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला शंकर नगर में किराए के मकान में रह रही एक महिला ने अपने 11 साल के बेटे के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। रात में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। महिला अपने दो बच्चों के साथ पति और पिता से अलग सहारनपुर में रह रही थी। पुलिस को महिला केे कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने आत्महत्या के लिए खुद को ही जिम्मेदार माना है।
ग्राम टाबर निवासी रेखा की शादी ग्राम तल्हेड़ी निवासी देवी सिंह के साथ हुई थी। लगभग पांच वर्ष पूर्व दोनों में विवाद हो गया। जिसके बाद रेखा अपने दोनों बेटों 15 वर्षीय गौरव और 11 वर्षीय ऋतिक के साथ अपने मायके टाबर आ गई, लेकिन अपने मायके में लोगों के तानों से परेशान हो गई। वहां काफी विवाद हुआ। जिसके बाद टाबर में क्लीनिक चलाने वाले संभालका निवासी एक चिकित्सक के कहने पर वह अपने दोनों बेटों को लेकर सहारनपुर आ गई और जनकपुरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला शंकर नगर में किराए के मकान में रहने लगी। यहां पर संभालका निवासी चिकित्सक भी उसको आर्थिक सहयोग करने लगा।
मंगलवार की रात को चिकित्सक अपने गांव चला गया, जबकि उसका बड़ा बेटा गौरव अपने नाना के यहां ग्राम टाबर चला गया। रात में रेखा ने अपने छोटे बेटे ऋतिक के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को तड़पता देख पड़ोसियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया तथा सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन एवं उसके ससुराल के लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान बुधवार सुबह लगभग चार बजे मां-बेटे की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। परिजनों ने चिकित्सक पर जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस ने संभालका निवासी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मृतकों के कमरे पर पहुंचकर तलाशी ली। जहां से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें महिला ने आत्महत्या के लिए खुद को ही जिम्मेदार माना है।
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दो साल पहले बड़े बेटे ने भी खाया था जहर
पुलिस ने बताया कि रेखा के बड़े बेटे गौरव का झुकाव अपने नाना की ओर था। वह बार-बार टाबर जाता था। जिसे मां रोकती थी। रेखा कहती थी कि जब वे दोनों छोटे-छोटे थे, तो उनके नाना-नानी ने उन्हें घर से निकाल दिया है। इसलिए वहां नहीं जाएंगे। जिस पर नाराज गौरव ने दो साल पहले जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।
दो सप्ताह पूर्व मां से हुआ था झगड़ा
रेखा का अपने बड़े बेटे गौरव को लेकर अपने मायके वालों से कई बार विवाद हुआ था। लगभग दो सप्ताह पूर्व रेखा अपने जेवर लेने भी मायके गई थी। जहां इसी बात को लेकर दोबारा झगड़ा हुआ था। उसे मां ने जेवर भी नहीं दिए थे। जिससे वह परेशान रहने लगी थी।
यमुनानगर में फैक्ट्री में काम करने की बात बताई थी
रेखा के पति ग्राम तल्हेड़ी निवासी देवी सिंह का कहना है कि लगभग पांच साल पूर्व रेखा उससे झगड़ा कर अपने मायके चली गई थी। उसके बाद वह नहीं लौटी। उससे सिर्फ फोन पर ही बात होती थी। वह यमुना नगर में एक फैक्ट्री में काम करने की बात कहती थी। उसने कई बार आने का प्रयास किया। लेकिन रेखा ने उससे मिलने तक को मना कर दिया था।
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ग्राम टाबर निवासी रेखा की शादी ग्राम तल्हेड़ी निवासी देवी सिंह के साथ हुई थी। लगभग पांच वर्ष पूर्व दोनों में विवाद हो गया। जिसके बाद रेखा अपने दोनों बेटों 15 वर्षीय गौरव और 11 वर्षीय ऋतिक के साथ अपने मायके टाबर आ गई, लेकिन अपने मायके में लोगों के तानों से परेशान हो गई। वहां काफी विवाद हुआ। जिसके बाद टाबर में क्लीनिक चलाने वाले संभालका निवासी एक चिकित्सक के कहने पर वह अपने दोनों बेटों को लेकर सहारनपुर आ गई और जनकपुरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला शंकर नगर में किराए के मकान में रहने लगी। यहां पर संभालका निवासी चिकित्सक भी उसको आर्थिक सहयोग करने लगा।
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मंगलवार की रात को चिकित्सक अपने गांव चला गया, जबकि उसका बड़ा बेटा गौरव अपने नाना के यहां ग्राम टाबर चला गया। रात में रेखा ने अपने छोटे बेटे ऋतिक के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को तड़पता देख पड़ोसियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया तथा सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन एवं उसके ससुराल के लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान बुधवार सुबह लगभग चार बजे मां-बेटे की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। परिजनों ने चिकित्सक पर जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस ने संभालका निवासी चिकित्सक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मृतकों के कमरे पर पहुंचकर तलाशी ली। जहां से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें महिला ने आत्महत्या के लिए खुद को ही जिम्मेदार माना है।
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दो साल पहले बड़े बेटे ने भी खाया था जहर
पुलिस ने बताया कि रेखा के बड़े बेटे गौरव का झुकाव अपने नाना की ओर था। वह बार-बार टाबर जाता था। जिसे मां रोकती थी। रेखा कहती थी कि जब वे दोनों छोटे-छोटे थे, तो उनके नाना-नानी ने उन्हें घर से निकाल दिया है। इसलिए वहां नहीं जाएंगे। जिस पर नाराज गौरव ने दो साल पहले जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।
दो सप्ताह पूर्व मां से हुआ था झगड़ा
रेखा का अपने बड़े बेटे गौरव को लेकर अपने मायके वालों से कई बार विवाद हुआ था। लगभग दो सप्ताह पूर्व रेखा अपने जेवर लेने भी मायके गई थी। जहां इसी बात को लेकर दोबारा झगड़ा हुआ था। उसे मां ने जेवर भी नहीं दिए थे। जिससे वह परेशान रहने लगी थी।
यमुनानगर में फैक्ट्री में काम करने की बात बताई थी
रेखा के पति ग्राम तल्हेड़ी निवासी देवी सिंह का कहना है कि लगभग पांच साल पूर्व रेखा उससे झगड़ा कर अपने मायके चली गई थी। उसके बाद वह नहीं लौटी। उससे सिर्फ फोन पर ही बात होती थी। वह यमुना नगर में एक फैक्ट्री में काम करने की बात कहती थी। उसने कई बार आने का प्रयास किया। लेकिन रेखा ने उससे मिलने तक को मना कर दिया था।