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आईएमए अध्यक्ष से की निजी अस्पताल की शिकायत
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:04 AM IST
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आईएमए अध्यक्ष से की निजी अस्पताल की शिकायत
सहारनपुर। बाजोरिया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में सामान्य मरीज को दिल का मरीज बताकर चिकित्सक ने तुरंत भर्ती करने और स्टंट डलवाने की सलाह दी। डेढ़ लाख रुपये का खर्च भी बता दिया गया। जब तीमारदारों ने केवल रात भर के लिए भर्ती करने का अनुरोध किया तो स्टाफ ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यदि पूरा इलाज कराते हो तो ही भर्ती करेंगे। पीड़ित ने आईएमए अध्यक्ष से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है।
खानआलमपुरा की नई बस्ती निवासी जेबा परवीन पत्नी मोहम्मद फराइन की छह जून की रात अचानक से तबीयत बिगड़ गई। उनको घबराहट थी और दिल की धड़कन बढ़ी हुई थी। परिजन उन्हें बाजोरिया रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां दिल का ही इलाज किया जाता है। आरोप है कि चिकित्सकों ने देखकर बताया कि मरीज की हालत खराब है, उनकी एंजियोग्राफी करनी होगी, जिसके बाद स्टंट डाला जाएगा। जिसपर डेढ़ लाख रुपये खर्च आएगा। मगर यदि किसी गण्यमान्य से लिखवाकर लाते हैं तो 50 हजार रुपये कम कर दिए जाएंगे। परिजनों ने कहा कि यदि स्टंट डलेगा तो वह उन्हें जीबी पंत अस्पताल दिल्ली लेकर जाएंगे केवल रात के लिए भर्ती कर लें। आरोप है कि स्टाफ ने भर्ती करने के लिए पूरा इलाज कराने का शर्त रखी। इसके बाद परिजन मायूस होकर देहरादून के निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच में कोई खास परेशानी नहीं आई। चिकित्सकों ने रोगी को सामान्य तकलीफ बताते हुए दवा लिख दी। पीड़ित परिजनों ने सहारनपुर के निजी अस्पताल के खिलाफ आईएमए अध्यक्ष डॉ. मोहन पांडेय से लिखित शिकायत की है। कार्रवाई न करने पर चिकित्सक के खिलाफ आईएमसी जाने की चेतावनी दी है।
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सहारनपुर। बाजोरिया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में सामान्य मरीज को दिल का मरीज बताकर चिकित्सक ने तुरंत भर्ती करने और स्टंट डलवाने की सलाह दी। डेढ़ लाख रुपये का खर्च भी बता दिया गया। जब तीमारदारों ने केवल रात भर के लिए भर्ती करने का अनुरोध किया तो स्टाफ ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यदि पूरा इलाज कराते हो तो ही भर्ती करेंगे। पीड़ित ने आईएमए अध्यक्ष से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है।
खानआलमपुरा की नई बस्ती निवासी जेबा परवीन पत्नी मोहम्मद फराइन की छह जून की रात अचानक से तबीयत बिगड़ गई। उनको घबराहट थी और दिल की धड़कन बढ़ी हुई थी। परिजन उन्हें बाजोरिया रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां दिल का ही इलाज किया जाता है। आरोप है कि चिकित्सकों ने देखकर बताया कि मरीज की हालत खराब है, उनकी एंजियोग्राफी करनी होगी, जिसके बाद स्टंट डाला जाएगा। जिसपर डेढ़ लाख रुपये खर्च आएगा। मगर यदि किसी गण्यमान्य से लिखवाकर लाते हैं तो 50 हजार रुपये कम कर दिए जाएंगे। परिजनों ने कहा कि यदि स्टंट डलेगा तो वह उन्हें जीबी पंत अस्पताल दिल्ली लेकर जाएंगे केवल रात के लिए भर्ती कर लें। आरोप है कि स्टाफ ने भर्ती करने के लिए पूरा इलाज कराने का शर्त रखी। इसके बाद परिजन मायूस होकर देहरादून के निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच में कोई खास परेशानी नहीं आई। चिकित्सकों ने रोगी को सामान्य तकलीफ बताते हुए दवा लिख दी। पीड़ित परिजनों ने सहारनपुर के निजी अस्पताल के खिलाफ आईएमए अध्यक्ष डॉ. मोहन पांडेय से लिखित शिकायत की है। कार्रवाई न करने पर चिकित्सक के खिलाफ आईएमसी जाने की चेतावनी दी है।
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