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इंस्पेक्टर नकुड़ हैं मेरी और मेरी पत्नी के मौत के जिम्मेदार
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:36 AM IST
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इंस्पेक्टर नकुड़ हैं मेेेरी और मेेरी पत्नी के मौत के जिम्मेदार
सहारनपुर। इंस्पेक्टर नकुड़ और सतीश आर्य हैं मेरी मौत के जिम्मेदार। उन्होंने उसे साल्हापुर के सौरभ की हत्या के मामले में झूठा फंसाया। उसे बार-बार थाने पर बुलाकर पूछताछ की जाती रही। वह हर बार अपनी सफाई देता रहा, लेकिन उसकी बात किसी ने नहीं सुनी। दोनों लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। उसकी पत्नी एसएसपी के पास बार-बार बेगुनाही की विनती करने जाती रही, लेकिन उन्होंने भी कोई बात नहीं सुनी।
ग्राम गाजीवाला निवासी प्रवीण उर्फ काला ने यह बात अपनी और पत्नी मोनिका की आत्महत्या करने से पूर्व अपने सुसाइड नोट में लिखी है। पोस्टमार्टम के दौरान यह सुसाइड नोट प्रवीण के लोवर से बरामद हुआ। उसने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं प्रवीण उर्फ काला व मेेेरी पत्नी मोनी आज आत्महत्या कर रहे हैं। नकुड़ सब इंस्पेक्टर एवं सतीश आर्य ने मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया। पुलिस को बार-बार अपनी बेगुनाही बताता रहा, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। एसएसपी से मेरी पत्नी विनती करती रही, लेकिन हमारी किसी ने नहीं सुनी। इन सबसे परेशान होकर हम दोनों आत्महत्या कर रहे हैं।
मृतक प्रवीण उर्फ काला के भाई अमित कुमार ने आरोप लगाया कि गांव के लोग कई बार पुलिस अधिकारियों से मिले और प्रवीण को निर्दोष बताया। पुलिस ने जब भी पूछताछ के लिए बुलाया, प्रवीण ने पुलिस का पूरा सहयोग किया, लेकिन एक माह से हत्या के इस मामले में नकुड़ इंस्पेक्टर उसके भाई का बार-बार मानसिक उत्पीड़न करते रहे और गांव में दबिश देते रहे। प्रवीण की पत्नी मोनिका ने भी अपने विकलांग बच्चे को लेकर इंस्पेक्टर नकुड़ द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न की शिकायत उच्चाधिकारियों से कई बार की। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इंस्पेक्टर नकुड़ और सतीश आर्य के उत्पीड़न से परेशान होकर उसके भाई प्रवीण और मोनिका ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
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सहारनपुर। इंस्पेक्टर नकुड़ और सतीश आर्य हैं मेरी मौत के जिम्मेदार। उन्होंने उसे साल्हापुर के सौरभ की हत्या के मामले में झूठा फंसाया। उसे बार-बार थाने पर बुलाकर पूछताछ की जाती रही। वह हर बार अपनी सफाई देता रहा, लेकिन उसकी बात किसी ने नहीं सुनी। दोनों लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। उसकी पत्नी एसएसपी के पास बार-बार बेगुनाही की विनती करने जाती रही, लेकिन उन्होंने भी कोई बात नहीं सुनी।
ग्राम गाजीवाला निवासी प्रवीण उर्फ काला ने यह बात अपनी और पत्नी मोनिका की आत्महत्या करने से पूर्व अपने सुसाइड नोट में लिखी है। पोस्टमार्टम के दौरान यह सुसाइड नोट प्रवीण के लोवर से बरामद हुआ। उसने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं प्रवीण उर्फ काला व मेेेरी पत्नी मोनी आज आत्महत्या कर रहे हैं। नकुड़ सब इंस्पेक्टर एवं सतीश आर्य ने मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया। पुलिस को बार-बार अपनी बेगुनाही बताता रहा, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। एसएसपी से मेरी पत्नी विनती करती रही, लेकिन हमारी किसी ने नहीं सुनी। इन सबसे परेशान होकर हम दोनों आत्महत्या कर रहे हैं।
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मृतक प्रवीण उर्फ काला के भाई अमित कुमार ने आरोप लगाया कि गांव के लोग कई बार पुलिस अधिकारियों से मिले और प्रवीण को निर्दोष बताया। पुलिस ने जब भी पूछताछ के लिए बुलाया, प्रवीण ने पुलिस का पूरा सहयोग किया, लेकिन एक माह से हत्या के इस मामले में नकुड़ इंस्पेक्टर उसके भाई का बार-बार मानसिक उत्पीड़न करते रहे और गांव में दबिश देते रहे। प्रवीण की पत्नी मोनिका ने भी अपने विकलांग बच्चे को लेकर इंस्पेक्टर नकुड़ द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न की शिकायत उच्चाधिकारियों से कई बार की। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इंस्पेक्टर नकुड़ और सतीश आर्य के उत्पीड़न से परेशान होकर उसके भाई प्रवीण और मोनिका ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
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