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चीनी मिलों पर गन्ना विकास समितियों के 1
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सहारनपुर। शुगर मिलों पर केवल किसानों का गन्ना मूल्य ही नहीं बल्कि गन्ना विकास समितियों का कमीशन भी बकाया है। जिले की छहों चीनी मिलें पर करीब 18.38 करोड़ रुपये कमीशन की बकाएदारी हैं। इसके चलते जहां गन्ना विकास समितियों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं कई समितियों में कर्मचारियों को वेतन देने तक में परेशानी में हो रही है। साथ ही कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दिए जाने वाले देय भी पेंडिंग हैं।
शुगर मिलें न सिर्फ किसानों का बकाया गन्ना मूल्य दबाए बैठी हैं बल्कि गन्ना विकास समिति के कमीशन के भुगतान में भी कोताही बरत रही हैं। इसके चलते जिले की छहों शुगर मिलों पर 18.38 करोड़ से अधिक पांच गन्ना विकास समितियों का विकास कमीशन बकाया है। समय से विकास कमीशन नहीं मिलने से गन्ना विकास समितियों का कार्य प्रभावित हो रहा हैं। गन्ना विकास समितियों को 5.50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चीनी मिलों की ओर से कमीशन दिए जाने का प्रावधान है। जिससे समिति के कर्मचारियों का वेतन भुगतान से लेकर अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। कमीशन का समय से भुुगतान नहीं होने से समितियों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई समितियों में तो कर्मचारियों को समय से वेतन भुगतान होने के के लाले पडे़ हुए हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों का सेवानिवृत्ति देय का भुगतान भी रुका हुआ है। इसके अलावा चीनी मिलों पर 569 करोड़ रुपये किसानों के बकाया हैं। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य के साथ ही समितियों के कमीशन का भुगतान कराया जा रहा है। भुगतान में तेजी लाने के लिए चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं।
शुगर मिलों पर गन्ना समितियों का बकाया कमीशन
शुगर मिल----------------- बकाया कमीशन
देवबंद-----------------------659.86 लाख
गांगनौली---------------------468.14 लाख
शेरमऊ----------------------368.78 लाख
गागलहेडी--------------------91.75 लाख
नानौता-----------------------131.95 लाख
सरसावा----------------------117.68 लाख
गन्ना विभाग के 30 मई के आंकड़ों के अनुसार
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शुगर मिलें न सिर्फ किसानों का बकाया गन्ना मूल्य दबाए बैठी हैं बल्कि गन्ना विकास समिति के कमीशन के भुगतान में भी कोताही बरत रही हैं। इसके चलते जिले की छहों शुगर मिलों पर 18.38 करोड़ से अधिक पांच गन्ना विकास समितियों का विकास कमीशन बकाया है। समय से विकास कमीशन नहीं मिलने से गन्ना विकास समितियों का कार्य प्रभावित हो रहा हैं। गन्ना विकास समितियों को 5.50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चीनी मिलों की ओर से कमीशन दिए जाने का प्रावधान है। जिससे समिति के कर्मचारियों का वेतन भुगतान से लेकर अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। कमीशन का समय से भुुगतान नहीं होने से समितियों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई समितियों में तो कर्मचारियों को समय से वेतन भुगतान होने के के लाले पडे़ हुए हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों का सेवानिवृत्ति देय का भुगतान भी रुका हुआ है। इसके अलावा चीनी मिलों पर 569 करोड़ रुपये किसानों के बकाया हैं। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य के साथ ही समितियों के कमीशन का भुगतान कराया जा रहा है। भुगतान में तेजी लाने के लिए चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं।
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शुगर मिलों पर गन्ना समितियों का बकाया कमीशन
शुगर मिल----------------- बकाया कमीशन
देवबंद-----------------------659.86 लाख
गांगनौली---------------------468.14 लाख
शेरमऊ----------------------368.78 लाख
गागलहेडी--------------------91.75 लाख
नानौता-----------------------131.95 लाख
सरसावा----------------------117.68 लाख
गन्ना विभाग के 30 मई के आंकड़ों के अनुसार