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अवैध कॉलोनियों पर चली जेसीबी, हंगामा
Updated Mon, 08 Jan 2018 11:42 PM IST
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सहारनपुर। विकास प्राधिकरण ने सोमवार को तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया। कॉलोनियों में अवैध रूप से बने आवासों को ध्वस्त करने के दौरान लोगों ने खूब हंगामा किया। शकलापुरी रोड पर मकान ध्वस्त करने के दौरान महिलाएं और बच्चे छत पर जा चढ़े और रोते बिलखते मकान ध्वस्त न करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। हालांकि हंगामे के बावजूद अनेक मकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
विकास प्राधिकरण की टीम चिलकाना रोड पर सऊद द्वारा 30 बीघा जमीन पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी में पहुंची। यहां आठ भवन अवैध रूप से निर्मित पाए गए। कोई भी भवन स्वामी स्वीकृति नहीं दिखा सका। साथ ही दो फुट ऊंची दीवारें पाई गईं। प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनी में हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। यहां लोगों ने ध्वस्तीकरण का विरोध किया, मगर साथ में पुलिस बल होने की वजह से ज्यादा विरोध नहीं हो सका। हालाकि प्राधिकरण ने कॉलोनाइजर को अवैध निर्माण खुद ही ध्वस्त करा लेने को कहा था, मगर कॉलोनाइजर ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद टीम बेहट रोड स्थित नाजिरपुरा गांव के पास पहुंची। यहां दस से 12 प्लॉटों का डिमार्केशन किया गया था। प्राधिकरण की जेसीबी ने प्लॉटों को खुर्दबुर्द किया। इससे पहले प्राधिकरण ने पहले नोटिस जारी किया था, जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अंतत: प्राधिकरण को कार्रवाई करनी पड़ी। इसके बाद प्राधिकरण की टीम शकलापुरी रोड स्थित राकेश सैनी द्वारा करीब 40 बीघा भूमि पर काटी गई कॉलोनी में पहुंची। यहां टीम ने विद्युत पोल के साथ ही अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कराया। कई लिंटर गिराए गए। इनमें व्यवसायिक और रिहायशी मकान भी शामिल रहे। अपना मकान टूटता देख एक परिवार की महिलाएं और बच्चे छत पर जा चढ़े, जिसकी वजह से खूब हंगामा हुआ। हंगामे के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और राहगीर जमा हो गए। यहां भी कॉलोनाइजर को पहले नोटिस जारी किया गया था। कॉलोनियों और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए प्राधिकरण ने डीएम से पीएसी और पुलिस उपलब्ध कराने की मांग की थी।
अवैध निर्माणों की सूची हमने तलब कर ली है। इस संबंध में प्राधिकरण के वीसी से जवाब मांगा जा रहा है। यदि जानबूझकर किसी अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो इस संबंध में शासन को भी लिखा जाएगा।
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दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।
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विकास प्राधिकरण की टीम चिलकाना रोड पर सऊद द्वारा 30 बीघा जमीन पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी में पहुंची। यहां आठ भवन अवैध रूप से निर्मित पाए गए। कोई भी भवन स्वामी स्वीकृति नहीं दिखा सका। साथ ही दो फुट ऊंची दीवारें पाई गईं। प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनी में हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। यहां लोगों ने ध्वस्तीकरण का विरोध किया, मगर साथ में पुलिस बल होने की वजह से ज्यादा विरोध नहीं हो सका। हालाकि प्राधिकरण ने कॉलोनाइजर को अवैध निर्माण खुद ही ध्वस्त करा लेने को कहा था, मगर कॉलोनाइजर ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद टीम बेहट रोड स्थित नाजिरपुरा गांव के पास पहुंची। यहां दस से 12 प्लॉटों का डिमार्केशन किया गया था। प्राधिकरण की जेसीबी ने प्लॉटों को खुर्दबुर्द किया। इससे पहले प्राधिकरण ने पहले नोटिस जारी किया था, जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अंतत: प्राधिकरण को कार्रवाई करनी पड़ी। इसके बाद प्राधिकरण की टीम शकलापुरी रोड स्थित राकेश सैनी द्वारा करीब 40 बीघा भूमि पर काटी गई कॉलोनी में पहुंची। यहां टीम ने विद्युत पोल के साथ ही अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कराया। कई लिंटर गिराए गए। इनमें व्यवसायिक और रिहायशी मकान भी शामिल रहे। अपना मकान टूटता देख एक परिवार की महिलाएं और बच्चे छत पर जा चढ़े, जिसकी वजह से खूब हंगामा हुआ। हंगामे के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और राहगीर जमा हो गए। यहां भी कॉलोनाइजर को पहले नोटिस जारी किया गया था। कॉलोनियों और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए प्राधिकरण ने डीएम से पीएसी और पुलिस उपलब्ध कराने की मांग की थी।
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अवैध निर्माणों की सूची हमने तलब कर ली है। इस संबंध में प्राधिकरण के वीसी से जवाब मांगा जा रहा है। यदि जानबूझकर किसी अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो इस संबंध में शासन को भी लिखा जाएगा।
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दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।