{"_id":"5cd319a7bdec22072c330f4b","slug":"141557338535-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला ने लगाया पुलिस पर परेशान करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला ने लगाया पुलिस पर परेशान करने का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। पेपर मिल रोड निवासी ऊषा लूथरा ने पुलिस कर्मियों पर उसे परेशान किए जाने, उसकी झोपड़ी को हटवाने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
ऊषा लूथरा का आरोप है कि मंडी कोतवाली में रहे एक दरोगा के साथ षड्यंत्र रचकर कुछ लोगों ने उसकेे मकान पर कब्जा कर लिया और उसे तथा उसके भाइयों को घर से निकाल दिया। फर्जी रिपोर्ट बनाकर उसके और उसके भाइयों पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। एक घटना में फर्जी तरीके से उसे और उसके भाई पर आरोप लगा दिया, जबकि उसका भाई बेहद बीमार था और अस्पताल में भर्ती था। जिसके बाद वह सड़क पर आ गए। उन्होंने सदर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कालोनी में मकान लिया, लेकिन वहां से भी आरोपियों ने उन्हें निकलवा दिया। जिससे उसके भाई का मानसिक रूप से बीमार हो गया। उन्होंने सदर कोतवाली के कुछ पुलिसकर्मियों एवं एक महिला दरोगा की शिकायत भी कोर्ट में की थी। जिस पर पुलिसकर्मियों ने उसे और परेशान करना शुरू कर दिया। वह पेपर मिल रोड पर सड़क किनारे तिरपाल की झोपड़ी बनाकर बीमार भाई के साथ रह रही है, लेकिन वहां भी पुलिसकर्मियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। ऊषा ने आरोप लगाया कि मंगलवार को कुछ पुलिसकर्मी फिर उसके पास पहुंचे। उसकी वीडियो बनाई, उसकी झोपड़ी को उखड़वाने का प्रयास किया। उसके साथ अभद्रता की। वह सब्जी बेचकर अपने परिवार का गुजारा करती है। मंगलवार को वह सब्जी भी बेचने नहीं जा सकी। उसकी सब्जी खराब हो गई। भाई को दवा भी नहीं देने दी गई। इस मामले में ऊषा ने एसएसपी को प्रार्थना-पत्र देकर जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है। सदर कोतवाली प्रभारी पंकज पंत का कहना है कि मंगलवार को स्थानीय पुलिस के साथ रेलवे पुलिस अतिक्रमण हटवाने के लिए गई थी। हालांकि अतिक्रमण नहीं हटवाया गया। उत्पीड़न एवं परेशान करने का आरोप गलत है।
विज्ञापन
ऊषा लूथरा का आरोप है कि मंडी कोतवाली में रहे एक दरोगा के साथ षड्यंत्र रचकर कुछ लोगों ने उसकेे मकान पर कब्जा कर लिया और उसे तथा उसके भाइयों को घर से निकाल दिया। फर्जी रिपोर्ट बनाकर उसके और उसके भाइयों पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। एक घटना में फर्जी तरीके से उसे और उसके भाई पर आरोप लगा दिया, जबकि उसका भाई बेहद बीमार था और अस्पताल में भर्ती था। जिसके बाद वह सड़क पर आ गए। उन्होंने सदर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कालोनी में मकान लिया, लेकिन वहां से भी आरोपियों ने उन्हें निकलवा दिया। जिससे उसके भाई का मानसिक रूप से बीमार हो गया। उन्होंने सदर कोतवाली के कुछ पुलिसकर्मियों एवं एक महिला दरोगा की शिकायत भी कोर्ट में की थी। जिस पर पुलिसकर्मियों ने उसे और परेशान करना शुरू कर दिया। वह पेपर मिल रोड पर सड़क किनारे तिरपाल की झोपड़ी बनाकर बीमार भाई के साथ रह रही है, लेकिन वहां भी पुलिसकर्मियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। ऊषा ने आरोप लगाया कि मंगलवार को कुछ पुलिसकर्मी फिर उसके पास पहुंचे। उसकी वीडियो बनाई, उसकी झोपड़ी को उखड़वाने का प्रयास किया। उसके साथ अभद्रता की। वह सब्जी बेचकर अपने परिवार का गुजारा करती है। मंगलवार को वह सब्जी भी बेचने नहीं जा सकी। उसकी सब्जी खराब हो गई। भाई को दवा भी नहीं देने दी गई। इस मामले में ऊषा ने एसएसपी को प्रार्थना-पत्र देकर जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है। सदर कोतवाली प्रभारी पंकज पंत का कहना है कि मंगलवार को स्थानीय पुलिस के साथ रेलवे पुलिस अतिक्रमण हटवाने के लिए गई थी। हालांकि अतिक्रमण नहीं हटवाया गया। उत्पीड़न एवं परेशान करने का आरोप गलत है।