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लैब पर छापे के दौरान नहीं मिले पैथोलॉजिस्ट, नोटिस भेजा
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सहारनपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर बृहस्पतिवार देर शाम सीएमएस के नेतृत्व में पैथोलॉजी लैबों पर छापेमारी की गई। टीम ने चार पैथोलॉजी पर छापा मारा, जहां पैथोलॉजिस्ट नहीं मिले। अन्य गंभीर खामियां भी मिलीं। ऐसे में चारों पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब मांगा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले पैथोलॉजी लैब संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी है।
शहर में बड़ी संख्या में पैथोलॉजी लैब संचालित हैं, जिनमें खामियां होने की शिकायतें चिकित्सा विभाग को मिलती रही हैं। पिछले तीन महीने में कई बार छापेमारी कर खामियां पकड़ी गईं। इसके बावजूद डीएम आलोक कुमार पांडेय को भी पैथोलॉजी लैब की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में डीएम ने पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की जिम्मेदारी सीएमएस डॉक्टर सुनित कुमार वार्ष्णेय को दी।
बृहस्पतिवार शाम सीएमएस ने आठ डॉक्टरों की चार टीमों को साथ लेकर गोपनीय तरीके से पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की। टीमों ने पवार पैथोलॉजी लैब, दिल्ली पैथोलॉजी लैब, लक्ष्मीनारायण पैथोलॉजी लैब और शिखर पैथोलॉजी पर छापा मारा। किसी भी लैब पर पैथोलॉजिस्ट नहीं मिला। एक लैब पर जिस पैथोलॉजिस्ट का नाम लिखा गया था वह कई महीने पहले छोड़कर अन्य जनपद में गई हुई है। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं मिली, जिन पर सीएमएस ने नाराजगी व्यक्त की। चारों पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब देने को कहा गया है। पैथोलॉजी लैब पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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टीम सदस्यों के फोन बंद कराए
अधिकारियों को शक है कि जब भी पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की जाती है तो विभाग से ही लैब संचालकों को कॉल करके सचेत कर देते हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार शाम की गई छापेमारी पूरी तरह गोपनीय रही। नेतृत्व कर रहे सीएमएस ने पहले तो कहीं और की लैब पर छापेमारी करने की बात कही, मगर अचानक से बाजोरिया रोड की लैबों पर छापेमारी शुरू कर दी। इससे पहले उन्होंने सभी सदस्यों का मोबाइल फोन बंद करा दिया था।
इन बिंदुओं पर की गई जांच
- प्रमाण पत्र है या नहीं।
- प्रमाण पत्र की वैद्यता कब तक है तथा नवीनीकरण हुआ या नहीं।
- बायोमेडिकल वेस्ट का लाइसेंस है या नहीं।
- लैब पर काम करने वाला स्टाफ योग्य है या नहीं।
- नामित लोग ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं, जिनमें पैथोलॉजिस्ट और एलटी मुख्य रहे।
अंकित करना होगा पैथोलॉजिस्ट का समय
नोडल अधिकारी डॉक्टर एके त्रिपाठी ने बताया कि सभी पैथोलॉजी लैब को पैथोलॉजिस्ट का नाम तथा उसके बैठने के समय का बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जो लैब ऐसा नहीं करेगी उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही अन्य नियमों का भी कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर गोपनीय तरीके से पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की है। सात बिंदुओं को लेकर जांच की। किसी भी लैब पर पैथोलॉजिस्ट नहीं मिला। अन्य भी कई खामियां पाई गई। फिलहाल चारों लैब संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। -- डॉक्टर सुनित कुमार वार्ष्णेय, सीएमएस।
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शहर में बड़ी संख्या में पैथोलॉजी लैब संचालित हैं, जिनमें खामियां होने की शिकायतें चिकित्सा विभाग को मिलती रही हैं। पिछले तीन महीने में कई बार छापेमारी कर खामियां पकड़ी गईं। इसके बावजूद डीएम आलोक कुमार पांडेय को भी पैथोलॉजी लैब की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में डीएम ने पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की जिम्मेदारी सीएमएस डॉक्टर सुनित कुमार वार्ष्णेय को दी।
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बृहस्पतिवार शाम सीएमएस ने आठ डॉक्टरों की चार टीमों को साथ लेकर गोपनीय तरीके से पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की। टीमों ने पवार पैथोलॉजी लैब, दिल्ली पैथोलॉजी लैब, लक्ष्मीनारायण पैथोलॉजी लैब और शिखर पैथोलॉजी पर छापा मारा। किसी भी लैब पर पैथोलॉजिस्ट नहीं मिला। एक लैब पर जिस पैथोलॉजिस्ट का नाम लिखा गया था वह कई महीने पहले छोड़कर अन्य जनपद में गई हुई है। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं मिली, जिन पर सीएमएस ने नाराजगी व्यक्त की। चारों पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब देने को कहा गया है। पैथोलॉजी लैब पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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टीम सदस्यों के फोन बंद कराए
अधिकारियों को शक है कि जब भी पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की जाती है तो विभाग से ही लैब संचालकों को कॉल करके सचेत कर देते हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार शाम की गई छापेमारी पूरी तरह गोपनीय रही। नेतृत्व कर रहे सीएमएस ने पहले तो कहीं और की लैब पर छापेमारी करने की बात कही, मगर अचानक से बाजोरिया रोड की लैबों पर छापेमारी शुरू कर दी। इससे पहले उन्होंने सभी सदस्यों का मोबाइल फोन बंद करा दिया था।
इन बिंदुओं पर की गई जांच
- प्रमाण पत्र है या नहीं।
- प्रमाण पत्र की वैद्यता कब तक है तथा नवीनीकरण हुआ या नहीं।
- बायोमेडिकल वेस्ट का लाइसेंस है या नहीं।
- लैब पर काम करने वाला स्टाफ योग्य है या नहीं।
- नामित लोग ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं, जिनमें पैथोलॉजिस्ट और एलटी मुख्य रहे।
अंकित करना होगा पैथोलॉजिस्ट का समय
नोडल अधिकारी डॉक्टर एके त्रिपाठी ने बताया कि सभी पैथोलॉजी लैब को पैथोलॉजिस्ट का नाम तथा उसके बैठने के समय का बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जो लैब ऐसा नहीं करेगी उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही अन्य नियमों का भी कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर गोपनीय तरीके से पैथोलॉजी लैब पर छापेमारी की है। सात बिंदुओं को लेकर जांच की। किसी भी लैब पर पैथोलॉजिस्ट नहीं मिला। अन्य भी कई खामियां पाई गई। फिलहाल चारों लैब संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। -- डॉक्टर सुनित कुमार वार्ष्णेय, सीएमएस।