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चार शुगर मिल बंद, किसानों का 544 करोड से अधिक गन्ना मूल्य अवशेष
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सहारनपुर। किसानों को पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किए बिना जनपद की छह में से पांच शुगर मिलें बंद हो गई हैं। इस समय देवबंद शुगर मिल ही पेराई कर रही है। जनपद की शुगर मिलों पर किसानों का करीब 544 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। हालांकि गन्ना विभाग बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाए हुए है।
जनपद की छह में से पांच शुगर मिलों ने अपना पेराई सत्र समाप्त कर दिया है। सिर्फ देवबंद शुगर मिल ही इस समय चल रही है। इसके भी 15 मई तक चलने की संभावना जताई जा रही है। पेराई सत्र समाप्त होने के बावजूद शुगर मिलों पर किसानों को करीब 544 करोड रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। भाकियू नेता अरुण राणा, गांव हलगोया के किसान आरिफ प्रधान और गांव सहजवा के किसान बिट्टू नंबरदार आदि का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान इस समय अपनी फसलों की लागत लगाता है। पैसों के अभाव में किसान खुलकर खेती पर खर्च नहीं कर सकता। इसके लिए भी उसे साहूकारों से उधार लेना पड़ता है। इसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि हाल ही में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आई है। शुक्रवार को ही तीन शुगर मिलों ने बड़ी धनराशि का भुगतान किया है। बकाया भुगतान में तेजी लाने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया हुआ है।
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जनपद की छह में से पांच शुगर मिलों ने अपना पेराई सत्र समाप्त कर दिया है। सिर्फ देवबंद शुगर मिल ही इस समय चल रही है। इसके भी 15 मई तक चलने की संभावना जताई जा रही है। पेराई सत्र समाप्त होने के बावजूद शुगर मिलों पर किसानों को करीब 544 करोड रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। भाकियू नेता अरुण राणा, गांव हलगोया के किसान आरिफ प्रधान और गांव सहजवा के किसान बिट्टू नंबरदार आदि का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान इस समय अपनी फसलों की लागत लगाता है। पैसों के अभाव में किसान खुलकर खेती पर खर्च नहीं कर सकता। इसके लिए भी उसे साहूकारों से उधार लेना पड़ता है। इसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि हाल ही में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आई है। शुक्रवार को ही तीन शुगर मिलों ने बड़ी धनराशि का भुगतान किया है। बकाया भुगतान में तेजी लाने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया हुआ है।
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