{"_id":"5ab7ff5b4f1c1bc4758b776b","slug":"131522007899-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान पर संदेह करने वाले का हुआ पतन: दीपिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान पर संदेह करने वाले का हुआ पतन: दीपिका
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा में साध्वी दीपिका भारती ने प्रभु श्रीराम के अध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन के चरित्र से अवगत कराया।
साउथ सिटी में आयोजित श्रीरामकथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी दीपिका ने कहा कि श्रीराम पुरुषों में उत्तम अर्थात मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं। श्रीराम आज भी तत्व रूप में इस ब्रह्मांड के कण-कण में हैं और मानव की चेतना में रमण करते हैं। यदि उस राम तत्व का जागरण हो जाए तो हर मानव इस कलियुग में गलत रास्तों को तिलांजलि देकर सही रास्तों की ओर अग्रसर हो जाएगा। श्रीराम के जीवन से हमें आदर्श जीवन प्रणाली की शिक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिसने भगवान पर संदेह किया, उसका हमेशा पतन हुआ है। श्रीराम कथा मंडली में शामिल शिष्यों ने श्री रामचरितमानस की चौपाइयों से वातावरण को राम रस सरोबार कर दिया। इसके साथ ही शिव विवाह उत्सव मनाया गया, जिसमें भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। अंत में श्री हरि भगवान की आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
साउथ सिटी में आयोजित श्रीरामकथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी दीपिका ने कहा कि श्रीराम पुरुषों में उत्तम अर्थात मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं। श्रीराम आज भी तत्व रूप में इस ब्रह्मांड के कण-कण में हैं और मानव की चेतना में रमण करते हैं। यदि उस राम तत्व का जागरण हो जाए तो हर मानव इस कलियुग में गलत रास्तों को तिलांजलि देकर सही रास्तों की ओर अग्रसर हो जाएगा। श्रीराम के जीवन से हमें आदर्श जीवन प्रणाली की शिक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिसने भगवान पर संदेह किया, उसका हमेशा पतन हुआ है। श्रीराम कथा मंडली में शामिल शिष्यों ने श्री रामचरितमानस की चौपाइयों से वातावरण को राम रस सरोबार कर दिया। इसके साथ ही शिव विवाह उत्सव मनाया गया, जिसमें भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। अंत में श्री हरि भगवान की आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन