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भंगड़ा और गिद्दा पर जमकर झूमे
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:18 AM IST
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भंगड़ा और गिद्दा पर जमकर झूमे
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वाधान में ‘रौनका पंजाबी दियां’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देर रात तक चले गिद्दा और भंगड़ा पर लोग जमकर थिरके।
देहरादून रोड स्थित सभागार में हुए कार्यक्रम में प्रदीप पागल ग्रुप एवं बालाजी सोशल इवेंट सोसायटी के कलाकारों ने गिद्दा, भंगड़ा और हास्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पंजाबी गायक गुरदास मान और दलजीत दौसाज के हमशक्ल कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से धमाल किया।
इससे पहले मुख्य अतिथि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह और संयोजक सरदार नरेंद्र पाल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी का वास्तविक नाम गुरमुखी है। इस लिपी का उच्चारण गुरुओं द्वारा किया गया। कोहली ने कहा कि आजादी से पूर्व और आजादी के बाद भी पंजाब राज्य के कई टुकड़े हुए। एक समय ऐसा था जब पंजाबी भाषा के लिए 14 जिलों का छोटा सा प्रदेश बचा था। मगर 114 देशों में गुरमुखी बोली जाती है। मनोरंजन तब तक अधूरा है, जब तक पंजाबी लोक गीत गायन ना किए जाए। उन्होंने कहा कि गीत-संगीत से लेकर हर क्षेत्र में पंजाबियों ने अपनी छाप छोड़ी है।
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इस दौरान उत्तर प्रदेश पंजाब अकादमी के प्रतिनिधि अरविंद नारायण मिश्रा, गोविंदर सिंह, रवि जुनेजा ने मुख्य अतिथियों को सम्मानित किया। महापौर संजीव वालिया, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, लाज कृष्ण गांधी, भाजपा महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा, इंद्रजीत खालसा, विपिन सलूजा, सरदार बलजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह बत्रा, सरदार अजेंद्र पाल सिंह, सरदार दलबीर सिंह सचदेवा, जसवाल सिंह बत्रा, रोहित, गुलशन कपूर, संजीव गक्खड़, दलजीत कोचर, जसवंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के तत्वाधान में ‘रौनका पंजाबी दियां’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देर रात तक चले गिद्दा और भंगड़ा पर लोग जमकर थिरके।
देहरादून रोड स्थित सभागार में हुए कार्यक्रम में प्रदीप पागल ग्रुप एवं बालाजी सोशल इवेंट सोसायटी के कलाकारों ने गिद्दा, भंगड़ा और हास्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पंजाबी गायक गुरदास मान और दलजीत दौसाज के हमशक्ल कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से धमाल किया।
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इससे पहले मुख्य अतिथि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह और संयोजक सरदार नरेंद्र पाल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी का वास्तविक नाम गुरमुखी है। इस लिपी का उच्चारण गुरुओं द्वारा किया गया। कोहली ने कहा कि आजादी से पूर्व और आजादी के बाद भी पंजाब राज्य के कई टुकड़े हुए। एक समय ऐसा था जब पंजाबी भाषा के लिए 14 जिलों का छोटा सा प्रदेश बचा था। मगर 114 देशों में गुरमुखी बोली जाती है। मनोरंजन तब तक अधूरा है, जब तक पंजाबी लोक गीत गायन ना किए जाए। उन्होंने कहा कि गीत-संगीत से लेकर हर क्षेत्र में पंजाबियों ने अपनी छाप छोड़ी है।
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इस दौरान उत्तर प्रदेश पंजाब अकादमी के प्रतिनिधि अरविंद नारायण मिश्रा, गोविंदर सिंह, रवि जुनेजा ने मुख्य अतिथियों को सम्मानित किया। महापौर संजीव वालिया, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, लाज कृष्ण गांधी, भाजपा महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा, इंद्रजीत खालसा, विपिन सलूजा, सरदार बलजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह बत्रा, सरदार अजेंद्र पाल सिंह, सरदार दलबीर सिंह सचदेवा, जसवाल सिंह बत्रा, रोहित, गुलशन कपूर, संजीव गक्खड़, दलजीत कोचर, जसवंत सिंह आदि मौजूद रहे।