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किसानों का 569 करोड से अधिक दबाए बैठी जनपद की शुगर मिलें

Wed, 20 Mar 2019 11:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2019 11:19 PM IST
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किसानों का 569 करोड से अधिक दबाए बैठी जनपद की शुगर मिलें
सहारनपुर। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद जिले के किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। जनपद की छह शुगर मिलें किसानों का 569 करोड़ रुपये से अधिक दबाए बैठी हैं, जबकि बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज के भी करीब आठ करोड़ रुपये हो गए हैं।
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सरकार और गन्ना विभाग की सख्ती के बाद भी शुगर मिलें समय से गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। गन्ना खरीद अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के बाद किसान को गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर किसान को बकाया गन्ना मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज दिलाने का नियम है, लेकिन शुगर मिलें न सिर्फ समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रही हैं। इसके चलते जनपद की छह शुगर मिलों पर 569 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो गया है। इसके अलावा लगभग आठ करोड़ रुपये का ब्याज भी हो गया है। बुड्ढाखेड़ा गुर्जर के कल्याण सिंह और गांव सहजवा के किसान बिट्टू नंबरदार आदि किसानों का कहना है कि किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान होना चाहिए। बकाया गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शुगर मिलों से बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाया जाए तो वे समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने को मजबूर हो जाएंगी। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही बकाया भुगतान हो जाएगा।
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