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आग से चार बेटियां और उनकी मां गंभीर झुलसी
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चिलकाना (सहारनपुर)। कमरे में रोशनी के लिए जलाकर रखी गई मोमबत्ती से लगी आग घर में फैल गई, जिस कारण पशु व्यापारी के परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उनमें से तीन की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
चिलकाना क्षेत्र के गांव गाठेडा निवासी इनाम कुरैशी पशुओं की खरीद फरोख्त का काम करते हैं। शनिवार रात करीब 11 बजे इनाम के कमरे में आग लग गई। उस वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जब तक वह नींद से जागे, तो आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग में इनाम कुरैशी की पत्नी इसरत तथा उसकी पुत्रियां यासमीन, अमरीन, इमराना तथा नाजमा बुरी तरह झुलस गई। आग के कारण इसरत, यासमीन तथा अमरीन के चेहरे तो बेपहचान ही हो गए। शोर शराबा होने पर बराबर के कमरे में सो रहा इनाम तथा अन्य पड़ोसी मौके पर पहुंचे। आग में फंसे सभी लोगों को कमरे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें निकट के अस्पताल ले जाया गया। वहां से इसरत, यासमीन और अमरीन को गंभीर हालत के चलते मेरठ मे डिकल भेज दिया गया। इनाम ने बताया कि कमरे में 92 हजार रुपये भी रखे थे। आग में नकदी और तमाम सामान फुंक गया।
सर्दी में बढ़ते हैं ऐसे मामले
सर्दी की सीजन में मकानों में इस प्रकार से आग लगने के मामले बढ़ते हैं। क्योंकि गहरी नींद परिवार के सो जाने पर जल्दी से आग का पता नहीं चलता है। रजाई और कंबल में लोग सोते रहते हैं, लेकिन तब तक आग बढ़ जाती है।
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जरूरी हैं सावधानियां
- चारपाई के नीचे या नजदीक अंगीठी जलाकर ना रखें।
- ब्लोअर चलाते हैं तो कमरे में गर्माहट होने पर ब्लोअर बंद कर देना चाहिए।
- सोने से पहले मोमबत्ती या दिया बुझा देना चाहिए।
- मोमबत्ती को लकड़ी या प्लास्टिक के उपकरण पर न रखें। उसके आसपास कपड़े भी नहीं रखने चाहिए
- अंगीठी का प्रयोग करते हैं, तो खिड़की जरूर होनी चाहिए।
- कमरे में अंगीठी जलाने पर सांस के मरीजों को भी नुकसान होता है।
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चिलकाना क्षेत्र के गांव गाठेडा निवासी इनाम कुरैशी पशुओं की खरीद फरोख्त का काम करते हैं। शनिवार रात करीब 11 बजे इनाम के कमरे में आग लग गई। उस वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जब तक वह नींद से जागे, तो आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग में इनाम कुरैशी की पत्नी इसरत तथा उसकी पुत्रियां यासमीन, अमरीन, इमराना तथा नाजमा बुरी तरह झुलस गई। आग के कारण इसरत, यासमीन तथा अमरीन के चेहरे तो बेपहचान ही हो गए। शोर शराबा होने पर बराबर के कमरे में सो रहा इनाम तथा अन्य पड़ोसी मौके पर पहुंचे। आग में फंसे सभी लोगों को कमरे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें निकट के अस्पताल ले जाया गया। वहां से इसरत, यासमीन और अमरीन को गंभीर हालत के चलते मेरठ मे डिकल भेज दिया गया। इनाम ने बताया कि कमरे में 92 हजार रुपये भी रखे थे। आग में नकदी और तमाम सामान फुंक गया।
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सर्दी में बढ़ते हैं ऐसे मामले
सर्दी की सीजन में मकानों में इस प्रकार से आग लगने के मामले बढ़ते हैं। क्योंकि गहरी नींद परिवार के सो जाने पर जल्दी से आग का पता नहीं चलता है। रजाई और कंबल में लोग सोते रहते हैं, लेकिन तब तक आग बढ़ जाती है।
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जरूरी हैं सावधानियां
- चारपाई के नीचे या नजदीक अंगीठी जलाकर ना रखें।
- ब्लोअर चलाते हैं तो कमरे में गर्माहट होने पर ब्लोअर बंद कर देना चाहिए।
- सोने से पहले मोमबत्ती या दिया बुझा देना चाहिए।
- मोमबत्ती को लकड़ी या प्लास्टिक के उपकरण पर न रखें। उसके आसपास कपड़े भी नहीं रखने चाहिए
- अंगीठी का प्रयोग करते हैं, तो खिड़की जरूर होनी चाहिए।
- कमरे में अंगीठी जलाने पर सांस के मरीजों को भी नुकसान होता है।