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शरीयती मामलों में मुस्लिम महिलाएं पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ: खुर्शीदा
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:21 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। जामिया इल्हामिया मदरसा तुल बनात में आयोजित मुस्लिम महिलाओं की बैठक में हैदराबाद में 9 फरवरी को होने वाली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक और मॉडल निकाहनामे को लेकर चर्चा की गई है।
बृहस्पतिवार को मोहल्ला पठानपुरा में आयोजित बैठक में संस्था की प्रभारी खुर्शीदा खातून बताया कि 8 फरवरी को वह हैदराबाद में होने वाली मीटिंग के लिए रवाना होंगी। वहां सभी मसलकों के उलमा मॉडल निकाहनामे को लेकर बातचीत करेंगे उलमा की मंजूरी मिलने के बाद मॉडल निकाहनामे को लाने के लिए बोर्ड काजियों को तैयार करेगा। काजी पर्सनल लॉ बोर्ड के मॉडल निकाहनामे पर निकाह पढ़ाने के साथ ही दूल्हे से एक मजलिस में तीन तलाक भविष्य में न देने के वादे पर हस्ताक्षर कराएंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के अलग अलग मसलकों के अपने निकाहनामे हैं। इसलिए बैठक में सभी मसलकों के उलमा इस पर बैठकर एक राय बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में हर धर्म के मानने वालों को धार्मिक आजादी मिली है जो अपने धर्म के मुताबिक जिंदगी गुजराते हैं। इसलिए मुसलमानों के शरीयती कानून में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है। बैठक में मौजूद सभी महिलाओं ने तीन तलाक के मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सलन लॉ बोर्ड का समर्थन किया। इस मौके पर शबाना, रुकैय्या, जैनब, इमराना, सफिया, गलनाज, जेहरा, आयशा, फरहीन, राबिया, असमा, रेशमा आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को मोहल्ला पठानपुरा में आयोजित बैठक में संस्था की प्रभारी खुर्शीदा खातून बताया कि 8 फरवरी को वह हैदराबाद में होने वाली मीटिंग के लिए रवाना होंगी। वहां सभी मसलकों के उलमा मॉडल निकाहनामे को लेकर बातचीत करेंगे उलमा की मंजूरी मिलने के बाद मॉडल निकाहनामे को लाने के लिए बोर्ड काजियों को तैयार करेगा। काजी पर्सनल लॉ बोर्ड के मॉडल निकाहनामे पर निकाह पढ़ाने के साथ ही दूल्हे से एक मजलिस में तीन तलाक भविष्य में न देने के वादे पर हस्ताक्षर कराएंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के अलग अलग मसलकों के अपने निकाहनामे हैं। इसलिए बैठक में सभी मसलकों के उलमा इस पर बैठकर एक राय बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में हर धर्म के मानने वालों को धार्मिक आजादी मिली है जो अपने धर्म के मुताबिक जिंदगी गुजराते हैं। इसलिए मुसलमानों के शरीयती कानून में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता है। बैठक में मौजूद सभी महिलाओं ने तीन तलाक के मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सलन लॉ बोर्ड का समर्थन किया। इस मौके पर शबाना, रुकैय्या, जैनब, इमराना, सफिया, गलनाज, जेहरा, आयशा, फरहीन, राबिया, असमा, रेशमा आदि मौजूद रहे।
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