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बीजों पर अनुदान में 50 प्रतिशत की वृद्घि
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:46 AM IST
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सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने बताया कि गेहूं एवं जौ के प्रमाणित बीज वितरण पर राज्य सरकार द्वारा देय अनुदान में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इसके तहत 400 प्रति कुुंतल से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है।
डीएम ने बताया कि गेहूं के बीज पर केंद्र सरकार के रुपये 1000 प्रति कुंतल के अनुदान को सम्मलित करके कृषकों को कुल रुपये 1600 प्रति कुंतल का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि विभाग, सहकारिता, यूपी एग्रो, एनएससी इफ्को, कृषकों और उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के बिक्री केंद्र के साथ पहली बार एग्री-जंक्शन केंद्रों एवं कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा बीज विकास निगम के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। इससे बिक्री केंद्रों की संख्या बढ़ने से कृषकों को पास के स्थानों से अनुदानित बीज उपलब्ध हो सकेगा। रबी 2017-18 से प्रमाणित बीजों पर अनुदान की सुविधा तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष कर दी गई है। डीएम ने बताया कि जिन कृषकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 से 31 मार्च 2017 तक कृषि यंत्र, फार्म, मशीनरी, बैंक, कस्टम, हायरिंग सेंटर आदि हेतु पंजीकरण कराया है। वह दस नवंबर तक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लें। पोर्टल पर सहमति प्रदान करने की व्यवस्था उक्त अवधि के बाद बंद कर दी जाएगी। समय से अपना कार्य पूरा ना करने वाले लाभार्थियों को पात्रता सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
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डीएम ने बताया कि गेहूं के बीज पर केंद्र सरकार के रुपये 1000 प्रति कुंतल के अनुदान को सम्मलित करके कृषकों को कुल रुपये 1600 प्रति कुंतल का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि विभाग, सहकारिता, यूपी एग्रो, एनएससी इफ्को, कृषकों और उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के बिक्री केंद्र के साथ पहली बार एग्री-जंक्शन केंद्रों एवं कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा बीज विकास निगम के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। इससे बिक्री केंद्रों की संख्या बढ़ने से कृषकों को पास के स्थानों से अनुदानित बीज उपलब्ध हो सकेगा। रबी 2017-18 से प्रमाणित बीजों पर अनुदान की सुविधा तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष कर दी गई है। डीएम ने बताया कि जिन कृषकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 से 31 मार्च 2017 तक कृषि यंत्र, फार्म, मशीनरी, बैंक, कस्टम, हायरिंग सेंटर आदि हेतु पंजीकरण कराया है। वह दस नवंबर तक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा लें। पोर्टल पर सहमति प्रदान करने की व्यवस्था उक्त अवधि के बाद बंद कर दी जाएगी। समय से अपना कार्य पूरा ना करने वाले लाभार्थियों को पात्रता सूची से बाहर कर दिया जाएगा।
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