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Saharanpur News: खाद यूनिट लगाने के नाम पर 12 करोड़ की धोखाधड़ी
Fri, 31 Jan 2025 12:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 31 Jan 2025 12:16 AM IST
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सहारनपुर। वर्मी कंपोस्ट खाद की यूनिट लगाने के नाम पर किसानों और कंपनी से 12 करोड़ रुपये धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कंपनी मालिक ने तीन लोगों पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर देहात कोतवाली में केस दर्ज हुआ है। बिलासपुर निवासी सुशील कुमार ने तहरीर देकर बताया कि उन्होंने साझीदार संजीव कुमार के साथ जय एग्रो बायोसाइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई थी, जो वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करती थी।
कंपनी संचालन के लिए दो लोगों को काम पर रखा था। बाद में एक व्यक्ति ने अपने भाई को भी एजेंट के तौर पर शामिल कर लिया। आरोप है कि तीनों ने किसानों से वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के नाम पर ढाई लाख रुपये प्रति यूनिट वसूलने और कंपनी के चेक एवं नकदी का दुरुपयोग किया। उन्होंने कंपनी से ब्लैंक चेक लिए, जिन पर केवल डायरेक्टर के हस्ताक्षर होते थे। इन चेकों का इस्तेमाल फर्जीवाड़ा करने और बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
उन्होंने किसानों से वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने पर भी करोड़ों रुपये वसूले, लेकिन अधिकांश किसानों के यहां यूनिट नहीं लगाई गई। आरोप है कि धोखाधड़ी कर अपनी पत्नियों के खातों में रकम जमा कराई। संपत्तियां और ज्वैलरी खरीदी। कंपनी मालिक ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट जाना पड़ा। अब कोर्ट के आदेश पर भंवर सिंह, अमित धीमान और जयदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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कंपनी संचालन के लिए दो लोगों को काम पर रखा था। बाद में एक व्यक्ति ने अपने भाई को भी एजेंट के तौर पर शामिल कर लिया। आरोप है कि तीनों ने किसानों से वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के नाम पर ढाई लाख रुपये प्रति यूनिट वसूलने और कंपनी के चेक एवं नकदी का दुरुपयोग किया। उन्होंने कंपनी से ब्लैंक चेक लिए, जिन पर केवल डायरेक्टर के हस्ताक्षर होते थे। इन चेकों का इस्तेमाल फर्जीवाड़ा करने और बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
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उन्होंने किसानों से वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने पर भी करोड़ों रुपये वसूले, लेकिन अधिकांश किसानों के यहां यूनिट नहीं लगाई गई। आरोप है कि धोखाधड़ी कर अपनी पत्नियों के खातों में रकम जमा कराई। संपत्तियां और ज्वैलरी खरीदी। कंपनी मालिक ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट जाना पड़ा। अब कोर्ट के आदेश पर भंवर सिंह, अमित धीमान और जयदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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