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प्रेम और भक्ति प्रभु को पाने का उतम मार्ग: अनिल
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:17 AM IST
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प्रेम और भक्ति प्रभु को पाने का उत्तम मार्ग: अनिल
सहारनपुर। पंडित अनिल कृष्ण कोदंड ने कहा कि प्रेम और भक्ति प्रभु को पाने का उत्तम मार्ग है। प्रेम से की गई भक्ति पर प्रभु अपने भक्त के पास दौड़े चले आते हैं।
वंदेमातरम ट्रस्ट के संस्थापक विजयकांत चौहान के संयोजन में श्रीश्री गोदेवी मंदिर नुमाइश कैंप में चल रही श्रीमद्भागवत के छठे दिन कथा व्यास कोदंड ने कहा कि भक्ति में प्रभु से कोई मांग नहीं होनी चाहिए। निस्वार्थ भाव से की गई भक्ति से प्रभु प्रसन्न होते हैं। सुदामा ने भगवान श्री कृष्ण से कुछ नहीं मांगा था। लेकिन प्रभु ने बिना कुछ कहे ही उन्हें सब कुछ दे दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने अपना उपदेश देते हुए कहा था कि प्रेम और भक्ति मार्ग से जीव मुझ तक पहुंच जाते हैं। यही सरल मार्ग है। इस मौके पर संत सुभाष बापू महाराज ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने को मजबूर कर दिया। विजयकांत चौहान ने सुभाष बापू महाराज, राधा रमनदास, पूनम सिंह पुंडीर को पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया। ज्योति चौहान, गगन गुंबर, पुनीत चौहान, सुभाष शर्मा, सुरेश वर्मा, आचार्य पंडित धमेंद्र, अजय कुमार, रवि कुमार, महेंद्र, बिट्टू वर्मा, भरत कुमार, तन्नु गुंबर, राधेश्याम, विनोद आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। पंडित अनिल कृष्ण कोदंड ने कहा कि प्रेम और भक्ति प्रभु को पाने का उत्तम मार्ग है। प्रेम से की गई भक्ति पर प्रभु अपने भक्त के पास दौड़े चले आते हैं।
वंदेमातरम ट्रस्ट के संस्थापक विजयकांत चौहान के संयोजन में श्रीश्री गोदेवी मंदिर नुमाइश कैंप में चल रही श्रीमद्भागवत के छठे दिन कथा व्यास कोदंड ने कहा कि भक्ति में प्रभु से कोई मांग नहीं होनी चाहिए। निस्वार्थ भाव से की गई भक्ति से प्रभु प्रसन्न होते हैं। सुदामा ने भगवान श्री कृष्ण से कुछ नहीं मांगा था। लेकिन प्रभु ने बिना कुछ कहे ही उन्हें सब कुछ दे दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने अपना उपदेश देते हुए कहा था कि प्रेम और भक्ति मार्ग से जीव मुझ तक पहुंच जाते हैं। यही सरल मार्ग है। इस मौके पर संत सुभाष बापू महाराज ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने को मजबूर कर दिया। विजयकांत चौहान ने सुभाष बापू महाराज, राधा रमनदास, पूनम सिंह पुंडीर को पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया। ज्योति चौहान, गगन गुंबर, पुनीत चौहान, सुभाष शर्मा, सुरेश वर्मा, आचार्य पंडित धमेंद्र, अजय कुमार, रवि कुमार, महेंद्र, बिट्टू वर्मा, भरत कुमार, तन्नु गुंबर, राधेश्याम, विनोद आदि मौजूद रहे।
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