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Saharanpur News: जिले में लगेंगी 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट
Tue, 07 Feb 2023 10:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 07 Feb 2023 10:46 PM IST
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गीले व सूखे कचरे के लिए तैैयार कराया गया कूड़ेदान
सहारनपुर। जनपद में 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट लगेंगी, जहां पर ठोस कचरे को एकत्र कर धुलाई के बाद मशीनों से छोटी-छोटी कटिंग कर उपयोगी बनाया जाएगा। इस प्लास्टिक को फैक्टरियों को भी दिया जाएगा।
दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ग्रामीण इलाकों में ठोस और तरल कचरे को उपयोगी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जनपद के सभी 11 ब्लॉक स्तर पर जिले में 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट लगेंगी, जहां पर प्लास्टिक कूड़े की धुलाई कर मशीनों से काटकर उपयोग में लाया जाएगा। इसके साथ ही प्लास्टिक का सामान तैयार करने वाली फैक्टरियों को यह प्लास्टिक बेचा जाएगा। इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। इसके तहत मुनाफा स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। इसके लिए 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट लगाने की रूपरेखा जिला पंचायत राज विभाग ने तैैयार कर ली है।
वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की भी लगेंगी यूनिट
इसके अलावा ग्राम पंचायतों में वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की छोटी-छोटी यूनिट लगेंगी। इसके तहत गोबर से केंचुए वाली खाद तैयार की जाएगी, जिसको किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण में 53 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया गया है। विभाग पशुपालकों से गोबर खरीदेगा। खाद तैयार करने के बाद किसानों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराई जाएगी। इन यूनिटों को लगाने का कार्य कुछ ग्राम पंचायतों में शुरू हो गया है।
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गांवों में लगाए जा रहे प्लास्टिक बैंक
जिला पंचायत राज विभाग की ओर जनपद की 884 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक भी लगाए जा रहे हैं। ठोस व प्लास्टिक कचरे को प्लास्टिक बैंक में डालने के प्रति भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि विभाग आसानी से प्लास्टिक कूड़ा एकत्र कर यूनिट तक पहुंचा सके। वहीं, छोटे-छोटे कूड़ाघर भी बनाए गए हैं, जिनमें तरल व ठोस कचरे को अलग-अलग डालने की व्यवस्था की गई है।
जिले में 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट और प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगेगी, जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई। कुछ जगहों पर कार्य शुरू हुआ है। -आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ग्रामीण इलाकों में ठोस और तरल कचरे को उपयोगी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जनपद के सभी 11 ब्लॉक स्तर पर जिले में 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट लगेंगी, जहां पर प्लास्टिक कूड़े की धुलाई कर मशीनों से काटकर उपयोग में लाया जाएगा। इसके साथ ही प्लास्टिक का सामान तैयार करने वाली फैक्टरियों को यह प्लास्टिक बेचा जाएगा। इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। इसके तहत मुनाफा स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। इसके लिए 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट लगाने की रूपरेखा जिला पंचायत राज विभाग ने तैैयार कर ली है।
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वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की भी लगेंगी यूनिट
इसके अलावा ग्राम पंचायतों में वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की छोटी-छोटी यूनिट लगेंगी। इसके तहत गोबर से केंचुए वाली खाद तैयार की जाएगी, जिसको किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण में 53 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया गया है। विभाग पशुपालकों से गोबर खरीदेगा। खाद तैयार करने के बाद किसानों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराई जाएगी। इन यूनिटों को लगाने का कार्य कुछ ग्राम पंचायतों में शुरू हो गया है।
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गांवों में लगाए जा रहे प्लास्टिक बैंक
जिला पंचायत राज विभाग की ओर जनपद की 884 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक भी लगाए जा रहे हैं। ठोस व प्लास्टिक कचरे को प्लास्टिक बैंक में डालने के प्रति भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि विभाग आसानी से प्लास्टिक कूड़ा एकत्र कर यूनिट तक पहुंचा सके। वहीं, छोटे-छोटे कूड़ाघर भी बनाए गए हैं, जिनमें तरल व ठोस कचरे को अलग-अलग डालने की व्यवस्था की गई है।
जिले में 11 प्लास्टिक संग्रह यूनिट और प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगेगी, जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई। कुछ जगहों पर कार्य शुरू हुआ है। -आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी

गीले व सूखे कचरे के लिए तैैयार कराया गया कूड़ेदान