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गोबर धन योजना में लगेंगे 11 प्लांट
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सहारनपुर। जिले में गोबर धन योजना के तहत 11 प्लांट लगेंगे। पहले चरण में गो-आश्रय स्थल से इसकी शुरूआत की जाएगी। प्लांट लगाकर गोबर को उपयोगी बनाते हुए बायोगैस बनाई जाएगी। इसे बायो सीएनजी में बदलने को लेकर भी काम होगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस योजना का संचालन किया जाएगा। जनपद के 11 विकास खंड़ क्षेत्रों में 11 गो-आश्रय स्थल है। सर्व प्रथम पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन गो-आश्रय स्थल में प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 लाख का बजट भी जारी किया जाएगा। 85 घन मीटर के प्लांट से निर्मित गोबर गैस की गांव के 30 परिवारों को आपूर्ति की जाएगी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की साफ-सफाई में भी मदद मिलेगी। इसको लेकर जिला पंचायत राज विभाग ने खाका तैयार कर लिया है।
पशु पालकों को मिलेगा फायदा
इन प्लांट में पशु पालकों से गोबर सरकार खरीदेगी, जिसके बदले उनको पैसा दिया जाएगा। इससे कचरा प्रबंधन के इंतजाम होंगे और पशु पालक आत्मनिर्भर बन पाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 11 के अलावा अन्य प्लांट विकसित किए जाएंगे।
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यह होंगे फायदे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट से बायोगैस व बायो सीएनजी में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
- इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
- बायोगैस से खाना पकाने और बिजली के लिए भी ऊर्जा मिल सकेगी।
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा
गोबर धन योजना के तहत जनपद के 11 विकास खंडों में प्लांट लगेंगे। इसको लेकर खाका तैयार कर लिया गया है। जल्द इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा। - उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस योजना का संचालन किया जाएगा। जनपद के 11 विकास खंड़ क्षेत्रों में 11 गो-आश्रय स्थल है। सर्व प्रथम पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन गो-आश्रय स्थल में प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 लाख का बजट भी जारी किया जाएगा। 85 घन मीटर के प्लांट से निर्मित गोबर गैस की गांव के 30 परिवारों को आपूर्ति की जाएगी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की साफ-सफाई में भी मदद मिलेगी। इसको लेकर जिला पंचायत राज विभाग ने खाका तैयार कर लिया है।
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पशु पालकों को मिलेगा फायदा
इन प्लांट में पशु पालकों से गोबर सरकार खरीदेगी, जिसके बदले उनको पैसा दिया जाएगा। इससे कचरा प्रबंधन के इंतजाम होंगे और पशु पालक आत्मनिर्भर बन पाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 11 के अलावा अन्य प्लांट विकसित किए जाएंगे।
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यह होंगे फायदे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट से बायोगैस व बायो सीएनजी में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
- इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
- बायोगैस से खाना पकाने और बिजली के लिए भी ऊर्जा मिल सकेगी।
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा
गोबर धन योजना के तहत जनपद के 11 विकास खंडों में प्लांट लगेंगे। इसको लेकर खाका तैयार कर लिया गया है। जल्द इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा। - उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी