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विकास कार्यों को गठित कमेटी पर रिकार्ड जमा न कर गायब करने का आरोप
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:45 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। नागल के गांव खटौली की ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जांच के लिए गठित की गई कमेटी के पास रिकार्ड जमा नहीं कराया गया है। जांच अधिकारी का कहना है कि तीन बार पत्र भेजे जाने के बावजूद ब्लाक के अधिकारियों ने रिकार्ड जमा नहीं कराया है।
खटौली निवासी मोनू त्यागी ने 26 सितंबर को डीएम के समक्ष शपथ पत्र सौंपा था। जिसमें तत्कालीन सचिव और प्रधान पर फर्जी आदेशों के आधार पर खसरा नंबर 282 (तालाब की भूमि) को होली चौक दर्शाते हुए पानी निकासी और मिट्टी भराव के नाम पर 1.82 लाख रुपये, एलईडी के नाम पर 77 हजार, आरसीसी निर्माण पर 12.83 लाख तथा खड़ंजा निर्माण पर दो लाख रुपये की धनराशि ग्राम पंचायत की निधि से निकालने का आरोप लगाया था। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम आलोक कुमार पांडेय के आदेश पर डीपीआरओ सतीश कुमार ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता जगवीर शर्मा के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन करते हुए पूरे प्रकरण की एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। परंतु दो माह बीतने के बाद भी जांच कमेटी ने रिपोर्ट तैयार नहीं की। जांच अधिकारी के मुताबिक नागल विकास खंड के बीडीओ को तीन बार पत्र भेजकर खटौली गांव का साढे़ तीन वर्ष का रिकार्ड मांगा गया है, लेकिन आज तक भी रिकार्ड नहीं जमा कराया गया, जबकि बीडीओ प्रवीण वर्मा ने बताया कि जांच अधिकारी की ओर से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही रिकार्ड जमा कराया जाएगा। दूसरी ओर शिकायतकर्ता मोनू त्यागी ने आरोप लगाया कि अधिकारी मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में लगे हैं। चेतावनी दी यदि 27 नवंबर तक मामले की जांच नहीं कराई जाती है तो वह 28 नवंबर को डीएम कार्यालय पर आमरण अनशन करने को मजबूर होगा।
कहने के बाद भी रिकार्ड जमा न कराना गंभीर मामला
* अगर जांच अधिकारी द्वारा विकास खंड नागल को तीन बार पत्र भेजकर रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा है और उसके बाद भी रिकार्ड जमा न कराना गंभीर मामला है। संबंधित मामले में बीडीओ नागल से रिपोर्ट तलब की जा रही है।
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-सतीश कुमार, डीपीआरओ
रिकार्ड मिलते ही जांच की कार्रवाई होगी आरंभ
* खटौली गांव का रिकार्ड जमा कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी ब्लाक द्वारा कोई रिकार्ड अब तक जमा नहीं कराया गया है। जिसके संबंध में डीएम व पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। रिकार्ड मिलते ही जांच की कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी।
-जगवीर शर्मा, एक्सईएन ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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खटौली निवासी मोनू त्यागी ने 26 सितंबर को डीएम के समक्ष शपथ पत्र सौंपा था। जिसमें तत्कालीन सचिव और प्रधान पर फर्जी आदेशों के आधार पर खसरा नंबर 282 (तालाब की भूमि) को होली चौक दर्शाते हुए पानी निकासी और मिट्टी भराव के नाम पर 1.82 लाख रुपये, एलईडी के नाम पर 77 हजार, आरसीसी निर्माण पर 12.83 लाख तथा खड़ंजा निर्माण पर दो लाख रुपये की धनराशि ग्राम पंचायत की निधि से निकालने का आरोप लगाया था। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम आलोक कुमार पांडेय के आदेश पर डीपीआरओ सतीश कुमार ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता जगवीर शर्मा के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन करते हुए पूरे प्रकरण की एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। परंतु दो माह बीतने के बाद भी जांच कमेटी ने रिपोर्ट तैयार नहीं की। जांच अधिकारी के मुताबिक नागल विकास खंड के बीडीओ को तीन बार पत्र भेजकर खटौली गांव का साढे़ तीन वर्ष का रिकार्ड मांगा गया है, लेकिन आज तक भी रिकार्ड नहीं जमा कराया गया, जबकि बीडीओ प्रवीण वर्मा ने बताया कि जांच अधिकारी की ओर से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही रिकार्ड जमा कराया जाएगा। दूसरी ओर शिकायतकर्ता मोनू त्यागी ने आरोप लगाया कि अधिकारी मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में लगे हैं। चेतावनी दी यदि 27 नवंबर तक मामले की जांच नहीं कराई जाती है तो वह 28 नवंबर को डीएम कार्यालय पर आमरण अनशन करने को मजबूर होगा।
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कहने के बाद भी रिकार्ड जमा न कराना गंभीर मामला
* अगर जांच अधिकारी द्वारा विकास खंड नागल को तीन बार पत्र भेजकर रिकार्ड उपलब्ध कराने को कहा है और उसके बाद भी रिकार्ड जमा न कराना गंभीर मामला है। संबंधित मामले में बीडीओ नागल से रिपोर्ट तलब की जा रही है।
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-सतीश कुमार, डीपीआरओ
रिकार्ड मिलते ही जांच की कार्रवाई होगी आरंभ
* खटौली गांव का रिकार्ड जमा कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी ब्लाक द्वारा कोई रिकार्ड अब तक जमा नहीं कराया गया है। जिसके संबंध में डीएम व पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। रिकार्ड मिलते ही जांच की कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी।
-जगवीर शर्मा, एक्सईएन ग्रामीण अभियंत्रण विभाग