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सिद्धपीठ में बाढ़ का कहर, 50 दुकानें और पार्किंग बही
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:51 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। पहाड़ियां पर 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश से नदियां तीसरे दिन भी उफान पर रही। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी नदी में शनिवार की रात आई बाढ़ के तेज बहाव पानी में 50 से अधिक दुकानें, पार्किंग और बेरिकेडिंग, अस्थाई शौचालय आदि बह गए। माता मंदिर के पास फंसे 25 श्रद्धालुओं को पुलिसकर्मियों ने जेसीबी पर बैठाकर भूरादेव मंदिर पर उनके परिवारों तक पहुंचाया। सीओ की बुलुरो गाड़ी भी पानी के तेज बहाव में बह गई थी। उधर, भूरादेव मंदिर पर पुलिस लगातार एनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को पानी उतरने तक सिद्धपीठ में न जाने की चेतावनी प्रसारित करती रही।
बता दें कि शुक्रवार की दोपहर बाद पहाड़ियों पर बारिश शुरू हो गई थी, जिससे आधी रात 12 बजे नदियों में बाढ़ आ गई थी। शाकंभरी देवी नदी में पानी आने से उसमें लगे शारदीय नवरात्र मेले में अफरातफरी मच गई थी। शनिवार की रात आठ बजे नदी में फिर से नदी में पानी का उफान आया और तेज बहाव पानी मेला परिसर में सूनी पड़ी 50 से अधिक दुकानों को बहा ले गया। जिला पंचायत द्वारा बनाई गई पार्किंग, बेरिकेडिंग, अस्थाई शौचालय आदि व्यवस्थाएं भी ध्वस्त हो गई। माता के मंदिर पर परिवार से अलग 25 श्रद्धालु फंस गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों की टीम मंदिर पर पहुंची और जेसीबी पर बैठाकर सभी श्रद्धालुओं को बाबा भूरादेव मंदिर पर पहुंचाया गया, जहां वे अपने परिवारों से मिले। उधर, मेला परिसर में खड़ी सीओ बेहट इंदु सिद्धार्थ की बुलेरो गाड़ी भी पानी के तेज बहाव में बह गई। उसे पुलिसकर्मियों ने कुछ लोगों की मद्द से माता छिन्न मस्ता मंदिर की सीढ़ियों पर लगी रेलिंग से बंधवाया। रात में करीब 11 बजे पानी कम होने पर गाड़ी को बाहर निकाला गया।
रविवार की सुबह साप्ताहिक अवकाश के चलते सिद्धपीठ में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी, तो पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस ने वाहनाें को नदी में बाढ़ के चलते भूरादेव मंदिर पर रोक लिया, जिससे भागूवाला के प्रेम नगर तक वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम लग गया। पुलिस ने श्रद्धालुओं को भी रोकना चाहा, लेकिन श्रद्धालु नहीं माने और एक दूसरे का हाथ पकड़कर पानी में उतरते रहे। पुलिसकर्मियों को खुद नदी में उतरकर महिलाओं और बच्चों की मद्द करनी पड़ी। अभी भी सिद्धपीठ में हालात खराब है। श्रद्धालुओं की आस्था के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है।
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घाड़ में तीसरे दिन भी बाढ़ जैसे हालात
फोटो-1
बेहट। घाड़ में पानी का कहर लगातार तीसरे दिन भी लोगों पर टूटा। पहाड़ी इलाकों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी जमकर हो रही बारिश के कारण घाड़ में हाहाकार मचा हुआ है। बरसाती नदियां, नालों में उफान है। लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घाड़ में तो बाढ़ जैसे हालात तक बन चुके हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बरसाती नदियों में ट्रैक्टर ट्रॉली फंसती नजर आयी, वहीं कई लोगों की बाइक तेज पानी के बहाव में दूर तक बहती चली गई, जिन्हें क्रेन की मदद से बहार निकाला गया।
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बता दें कि शुक्रवार की दोपहर बाद पहाड़ियों पर बारिश शुरू हो गई थी, जिससे आधी रात 12 बजे नदियों में बाढ़ आ गई थी। शाकंभरी देवी नदी में पानी आने से उसमें लगे शारदीय नवरात्र मेले में अफरातफरी मच गई थी। शनिवार की रात आठ बजे नदी में फिर से नदी में पानी का उफान आया और तेज बहाव पानी मेला परिसर में सूनी पड़ी 50 से अधिक दुकानों को बहा ले गया। जिला पंचायत द्वारा बनाई गई पार्किंग, बेरिकेडिंग, अस्थाई शौचालय आदि व्यवस्थाएं भी ध्वस्त हो गई। माता के मंदिर पर परिवार से अलग 25 श्रद्धालु फंस गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों की टीम मंदिर पर पहुंची और जेसीबी पर बैठाकर सभी श्रद्धालुओं को बाबा भूरादेव मंदिर पर पहुंचाया गया, जहां वे अपने परिवारों से मिले। उधर, मेला परिसर में खड़ी सीओ बेहट इंदु सिद्धार्थ की बुलेरो गाड़ी भी पानी के तेज बहाव में बह गई। उसे पुलिसकर्मियों ने कुछ लोगों की मद्द से माता छिन्न मस्ता मंदिर की सीढ़ियों पर लगी रेलिंग से बंधवाया। रात में करीब 11 बजे पानी कम होने पर गाड़ी को बाहर निकाला गया।
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रविवार की सुबह साप्ताहिक अवकाश के चलते सिद्धपीठ में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी, तो पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस ने वाहनाें को नदी में बाढ़ के चलते भूरादेव मंदिर पर रोक लिया, जिससे भागूवाला के प्रेम नगर तक वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम लग गया। पुलिस ने श्रद्धालुओं को भी रोकना चाहा, लेकिन श्रद्धालु नहीं माने और एक दूसरे का हाथ पकड़कर पानी में उतरते रहे। पुलिसकर्मियों को खुद नदी में उतरकर महिलाओं और बच्चों की मद्द करनी पड़ी। अभी भी सिद्धपीठ में हालात खराब है। श्रद्धालुओं की आस्था के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है।
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घाड़ में तीसरे दिन भी बाढ़ जैसे हालात
फोटो-1
बेहट। घाड़ में पानी का कहर लगातार तीसरे दिन भी लोगों पर टूटा। पहाड़ी इलाकों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी जमकर हो रही बारिश के कारण घाड़ में हाहाकार मचा हुआ है। बरसाती नदियां, नालों में उफान है। लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घाड़ में तो बाढ़ जैसे हालात तक बन चुके हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बरसाती नदियों में ट्रैक्टर ट्रॉली फंसती नजर आयी, वहीं कई लोगों की बाइक तेज पानी के बहाव में दूर तक बहती चली गई, जिन्हें क्रेन की मदद से बहार निकाला गया।