मेरठ बवाल: जिंदगी की जंग हार गया शुभम
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मेरठ के कोतवाली थानाक्षेत्र के तीरगरान में हुए बवाल में गोली लगने से घायल शुभम रस्तोगी ने सोमवार को दम तोड़ दिया। मेडिकल में शुभम की मौत होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। भाजपाइयों और हिंदू संगठनों ने हंगामा कर दिया।
देर शाम गुस्साए लोगों ने बुढ़ाना गेट चौकी में तोड़फोड़ कर दी गई। कई जगह प्रदर्शन हुए। तनाव को देखते हुए शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शहर में हाईअलर्ट घोषित किया गया है।
मौत के बाद हुआ जमकर हंगामा
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। अफवाहों के कारण शहर में दहशत के हालात भी बने रहे।
शनिवार को कोतवाली थानाक्षेत्र अंतर्गत तीरगरान में मस्जिद के सामने प्याऊ लगाने के विवाद में सांप्रदायिक बवाल हो गया था। उपद्रवियों ने शुभम रस्तोगी (17) पुत्र सुशील रस्तोगी निवासी बजाजा बाजार कोतवाली को गोली मार दी थी।
इसके अलावा भी पांच लोग क्षितिज, बबलू, आमिर, सुल्तान और आशु को गोली लगी थी। गंभीर हालत में शुभम को पुलिस ने मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। सोमवार शाम पांच बजे शुभम ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर जनपद में आग की तरफ फैल गई।
मौत के मुआवजे को लेकर हंगामा
भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, बजरंग दल अध्यक्ष बलराज डूंगर कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंच गए।
पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और दो सदस्यों को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर हंगामा किया गया। करीब ढ़ाई घंटे इमरजेंसी के बाहर हंगामा हुआ। भीड़ ने डीएम और एसएसपी की घेराबंदी कर ली और एकतरफा कार्रवाई करने की बात कहकर खरीखोटी सुनाई।
मुख्यमंत्री को दी दंगे की जानकारी
डीएम ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन पर मामले की जानकारी दी। इसके बाद डीएम ने 13 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की घोषणा की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लगभग तीन घंटे बाद शुभम के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
रात में पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा। जैसे ही शव शुभम के घर पहुंचा तो उसके बाद घंटाघर, बुढ़ान गेट, लाला का बाजार में गुस्साए लोगों ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इस दौरान शर्मा पैलेस में एक दुकान में तोड़फोड़ की गई और बुढ़ाना गेट पर मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़ दिए गए। उधर, आईजी जोन आलोक शर्मा ने बताया कि 23 बवालियों के चेहरे पहचान लिए गए हैं। देर रात तक कोतवाली पुलिस ने पांच गिरफ्तारी कर ली थीं।
डीएम और एसएसपी से धक्कामुक्की
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।