गैंगरेप मामलाः 14 दिनों के लिए जेल भेजे गए गायत्री प्रजापति, नार्को टेस्ट की रखी मांग
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न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रजापति को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया है। वहीं यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत सिंह ने बताया कि इस मामले के सभी सातों आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, गायत्री प्रजापति ने अपना नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। गिरफ्तारी के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रजापति ने कहा कि इस घटना के नार्कों टेस्ट हो, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
Hum keh rahe hain iss ghatna ka narco test ho, narco test se doodh ka doodh or paani ka paani ho jaega: Gayatri Prajapati after arrest pic.twitter.com/qFw71BU1Sp
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) March 15, 2017
Rape accused Gayatri Prajapati arrested from Lucknow, Uttar Pradesh pic.twitter.com/dln4t5WtiY
— ANI UP (@ANINewsUP) March 15, 2017
All 7 accused hv been arrested,matter will be forwarded to the Court for final decision:Daljeet Chaudhary, ADG,Law&Order on G Prajapati case pic.twitter.com/S0BdQ3oet6
— ANI UP (@ANINewsUP) March 15, 2017
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गायत्री प्रजापति समेत 5 लोगों के खिलाफ बीते 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। गायत्री समेत अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 511, 376 डी पॉक्सो एक्ट 3/4 में मामला दर्ज हुआ था। प्रजापति समाजवादी पार्टी के टिकट पर अमेठी से विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था,लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी गायत्री विवादों में रहे हैं।
इससे पहले यूपी पुलिस व एसटीएफ ने इसी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था । मामले में आरोपी को शरण देने के लिए गायत्री के दो बेटों को हिरासत में लिया गया था। यूपी चुनाव के दौरान विपक्षी दलों ने भी गायत्री के फरार होने व रेप में आरोपी होने का मुद्दा बनाया था, जिससे अखिलेश सरकार बैकफुट पर आ गई थी।
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साल 2002 तक गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनके परिवार का नाम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की लिस्ट में था। परिवार की गरीबी दूर करने के लिए उन्होंने प्रापर्टी डीलरों के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया। इसी दौरान उन्होंने राजनीति में भी घुसपैठ शुरू कर दी। बात 2010 की है यूपी के विधानसभा चुनावों में दो साल का समय बाकी था तभी गायत्री ने अमेठी जिले के एक बड़े सपा नेता का दामन थाम लिया।
बातों से दूसरों को साधने में माहिर प्रजापति ने एक डेढ़ साल की कसरत में ही अपने लिए अमेठी से टिकट का जुगाड़ भी कर लिया। जिले के एक वरिष्ठ सपा नेता भी बताते हैं कि गायत्री का मुकाबला अमेठी के राजा संजय सिंह की पत्नी अमिता सिंह से था ऐसे में उनके जितने की उम्मीद भी किसी को नहीं थी। लेकिन यहीं गायत्री की किस्मत चमकी और उन्होंने अमिता सिंह को मात देकर विधानसभा की चौखट चूम ली।