फुरकान का इंसान-धर्म: दो हिंदू लड़कों को बचाने के लिए दांव पर लगा दी जान, जब वो आंखों से ओझल हुआ तो हर आंख रोई
स्वार में कोसी नदी में नहाने गए दो किशोर डूब गए। इन किशोरों को डूबते देख रिश्तेदारी में आए फुरकान ने नदी में छलांग लगा दी। फुरकान ने सुमित और बादल से कोई पहचान और रिश्तेदारी न होने के बावजूद दोनों को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी।
विस्तार
स्वार में काशीपुर मार्ग स्थित अकबराबाद के पास नया गांव के सामने कोसी नदी में नहाने गए दो किशोर डूब गए। इन किशोरों को डूबते देख रिश्तेदारी में आए एक अन्य किशोर ने नदी में छलांग लगा दी। जिसके बाद उसने एक किशोर को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया लेकिन, दूसरे किशोर को बचाने के चक्कर में वो भी डूब गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले जा सके। किशोरों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव घर ले गए हैं।
किशोरों को डूबता देख वहां घूम रहे फुरकान ने नदी में छलांग लगा दी
दढ़ियाल क्षेत्र के ग्राम पर्वतपुर निवासी संजीव कुमार का बेटा सुमित (13) अपने गांव निवासी दोस्त बादल (14) पुत्र रामचंद्र के साथ बाइक पर बैठकर काशीपुर मार्ग स्थित ग्राम अकबराबाद के पास नया गांव के सामने कोसी नदी में नहाने गया था। वहीं अकबराबाद में अपने मामा राहत जान के यहां आया स्वार क्षेत्र के ग्राम गागन नगली निवासी अफसर अली का बेटा फुरकान (15) भी घूमने नदी के किनारे गया था। कोसी नदी में नहाने के दौरान अचानक बादल और सुमित गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों किशोरों को डूबता देख वहां घूम रहे फुरकान ने भी कोसी नदी में छलांग लगा दी। जैसे-तैसे पानी में डूब रहे बादल को खींचकर बाहर ले आया। इसके बाद वह सुमित को बचाने के लिए दोबारा कोसी नदी में चला गया और डूब रहे सुमित को भी बाहर निकालने की कोशिश करने लगा लेकिन असफल रहा और सुमित के साथ स्वयं भी गहरे पानी में समा गया।
किशोरों के डूबने की सूचना से मच गया हड़कंप
दोनों किशोरों को डूबता देख बचकर बाहर आये बादल ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आस पास खेतों में काम कर रहे लोग और ग्रामीण कोसी नदी की ओर दौड़ पड़े। दो किशोरों के डूबने की सूचना से हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गयी। इस दौरान किशोरों के परिजन भी पहुंच गए। सूचना पर टांडा कोतवाल अजयपाल सिंह और दढ़ियाल चौकी इंचार्ज सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
दोनों किशोरों के शवों को परिजन घर ले गए
इस दौरान चौकी दढ़ियाल में तैनात कांस्टेबल महेशपाल और आदेश चौहान सहित आस पास के ग्रामों के कई गोताखोर किशोरों के शवों की तलाश में कोसी नदी में उतर गए और अभियान चलाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों किशोरों के शवों को गोताखोर खोजने में सफल रहे और बाहर लेकर आए। जिसके बाद दोनों किशोरों के शवों को परिजन घर ले गए। चौकी इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि किशोरों के परिजन शवों को स्वेच्छा से घर ले गए हैं।
बहादुरी से एक जान बचाने वाला फुरकान खुद को नहीं बचा सका
बहादुरी और हिम्मत उम्र से नहीं आती, ये बात 15 वर्षीय फुरकान ने साबित कर दी है। अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना फुरकान ने नदी में डूब रहे दो अंजान किशोरों बादल और सुमित को बचाने के लिए कोसी नदी में छलांग लगा दी। फुरकान ने सुमित और बादल से कोई पहचान और रिश्तेदारी न होने के बावजूद दोनों को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी।
फुरकान अपनी हिम्मत के बल पर बादल को सकुशल नदी से बाहर भी ले आया और इसके बाद एक बार फिर उसने नदी में छलांग लगा दी, क्योंकि उसे सुमित को भी बचाना था। लेकिन, कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था, सुमित को बचाने के लिए दोबारा कोसी नदी में कूदा फुरकान भी नदी की गहराई में समा गया और सुमित को बचाने के फेर में अपनी भी जिंदगी गंवा दी।