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हमदनगर जागीर में उत्सव का माहौल
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 28 Nov 2015 11:42 PM IST
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20 साल से विकास के लिए तरस रहे अहमदनगर जागीर के ग्रामीणों के लिए शनिवार का दिन किसी पर्व से कम नहीं था। 20 साल से गांव न तो ग्राम पंचायत में शामिल था और न ही नगर पालिका में। इस कारण गांव में विकास कार्य थम से गए थे।
मताधिकार को लेकर ग्रामीणों ने विधायक-सांसद के चुनावों का बहिष्कार किया, गांव से लेकर कलेक्ट्रेट तक के कई चक्कर भी काटे। आखिरकार 20 साल बाद ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और उन्हें ग्राम प्रधान चुनने का मौका फिर मिला। प्रशासन ने 20 साल बाद अहमदनगर जागीर गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा देते हुए पहले चरण में मतदान के निर्देश दिए।
शनिवार को मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाताओं में 20 साल बाद अपने मताधिकार का प्रयोग करने का उत्साह साफ नजर आ रहा था। पनवड़िया से सटा अहमदनगर जागीर गांव में 1995 के बाद से ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं हुआ था। प्रशासन की ओर से गांव को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने की बात कहते हुए ग्राम पंचायत का दर्जा खत्म कर दिया गया था।
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इसके बाद गांव न तो नगर पालिका क्षेत्र में ही शामिल हो सका और न ही ग्राम पंचायत रहा। 20 साल बाद प्रशासन ने दोबारा अहमदनगर जागीर गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया। शनिवार को गांव के परिषदीय स्कूल में बूथ बनाकर मतदान की प्रक्रिया पूर्ण हुई।
20 साल बाद मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बूथ पर मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मतदान केंद्र पर कमरे से लेकर गेट तक मतदाताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी शामिल थे।
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मताधिकार को लेकर ग्रामीणों ने विधायक-सांसद के चुनावों का बहिष्कार किया, गांव से लेकर कलेक्ट्रेट तक के कई चक्कर भी काटे। आखिरकार 20 साल बाद ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और उन्हें ग्राम प्रधान चुनने का मौका फिर मिला। प्रशासन ने 20 साल बाद अहमदनगर जागीर गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा देते हुए पहले चरण में मतदान के निर्देश दिए।
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शनिवार को मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाताओं में 20 साल बाद अपने मताधिकार का प्रयोग करने का उत्साह साफ नजर आ रहा था। पनवड़िया से सटा अहमदनगर जागीर गांव में 1995 के बाद से ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं हुआ था। प्रशासन की ओर से गांव को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने की बात कहते हुए ग्राम पंचायत का दर्जा खत्म कर दिया गया था।
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इसके बाद गांव न तो नगर पालिका क्षेत्र में ही शामिल हो सका और न ही ग्राम पंचायत रहा। 20 साल बाद प्रशासन ने दोबारा अहमदनगर जागीर गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया। शनिवार को गांव के परिषदीय स्कूल में बूथ बनाकर मतदान की प्रक्रिया पूर्ण हुई।
20 साल बाद मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बूथ पर मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मतदान केंद्र पर कमरे से लेकर गेट तक मतदाताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी शामिल थे।