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Rampur News: वेंटिलेटर पर वेंटिलेटर.... मरीज हो रहे रेफर

Tue, 19 May 2026 11:29 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Tue, 19 May 2026 11:29 PM IST
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Ventilator after ventilator... patients are being referred
रामपुर। जिला अस्पताल में कोरोना काल के दौरान मिले 14 वेंटिलेटर आज भी उपयोग का इंतजार कर रहे हैं। फिजिशियन और टेक्नीशियन की कमी के चलते इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है। एक वेंटिलेटर खराब पड़ा है, जबकि बाकी 13 मशीनें अस्पताल के एक कमरे में रखी हैं।
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कोरोना महामारी के दौरान गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग को वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। उम्मीद थी कि सांस, हार्ट और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को स्थानीय स्तर पर राहत मिल सकेगी, लेकिन संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई।
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अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि गंभीर हालत में मरीजों को अब भी मुरादाबाद, बरेली और दिल्ली जैसे शहरों के अस्पतालों में भेजना पड़ता है। लोगों का कहना है कि वेंटिलेटर चालू होने पर कई मरीजों को समय पर उपचार मिल सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को कई बार विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित टेक्नीशियन और अलग स्थान की व्यवस्था के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। लंबे समय तक बंद पड़े रहने से मशीनों के खराब होने की आशंका भी बढ़ती जा रही है।
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रोजाना चार से पांच गंभीर मरीज होते हैं रेफर
रामपुर। जिला अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध न होने का असर गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार रोज चार से पांच गंभीर मरीजों को मुरादाबाद, बरेली या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है। इनमें सांस, हार्ट और दुर्घटना से जुड़े मरीज अधिक होते हैं। इलाज के लिए परिजनों को निजी एंबुलेंस और महंगे अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। संवाद

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वेंटिलेटर संचालन के लिए विशेषज्ञ स्टाफ की आवश्यकता है। इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है। स्टाफ और व्यवस्था उपलब्ध होते ही वेंटिलेटर चालू कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सके। -डॉ. बीसी सक्सेना, सीएमएस
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