UP: शत्रु संपत्ति के फेर में फंसा आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट, जौहर यूनिवर्सिटी पर इसलिए हुई कब्जे की कार्रवाई
सपा नेता आजम खां के ड्रीम प्रोजक्ट जौहर यूनिवर्सिटी से शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। पुलिस सुरक्षा के बीच प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम पिलर लगाने के काम में लगी रही। अफसरों के मुताबिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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रामपुर प्रशासन ने आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेने का काम शुरू कर दिया है। यहां पर पुलिस सुरक्षा के बीच कब्जा लेने का काम चलता रहा। टीम की ओर से यहां पिलर लगाए जा रहे हैं। साथ ही बैरिकेडिंग भी कराई जाएगी।
अफसरों का कहना है कि कब्जा लेने का काम जारी रहेगा। आजम खां इस वक्त सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जौहर यूनिवर्सिटी में 13.08 हेक्टेयर जमीन शत्रु संपत्ति है। इस जमीन पर कब्जा करने का मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।
शत्रु संपत्ति विभाग की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित जमीन का सीमांकन करने के साथ ही उस पर कब्जा लेने के आदेश प्रशासन को दिए गए थे, जिसके बाद एसडीएम सदर मोनिका सिंह व नायब तहसीलदार गौरव बिश्नोई के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम बृहस्पतिवार को जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची थी। यह काम शुक्रवार को भी जारी रहा।
भारी पुलिस बल के साथ यूनिवर्सिटी पहुंची टीम ने जमीन की पैमाइश की और इसे कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी। दिन भर यहां पर सीमांकन का काम चला। इस दौरान पिलर भी लगाए गए। देर शाम तक यह काम चलता रहा। कार्रवाई के दौरान शत्रु संपत्ति विभाग के पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हटी थी सील
जौहर यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति का मामला कई साल से चल रहा है। इस मामले में जहां एक ओर एमपी-एमएलए कोर्ट में मामला चल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से दो साल पहले भी इस जमीन पर कब्जा लिया गया था,लेकिन बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन को इसकी सील हटानी पड़ी थी। इस बीच शत्रु संपत्ति विभाग भी हाईकोर्ट पहुंच गया था। अफसरों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश दिए गए थे।
जौहर यूनिवर्सिटी में स्थित शत्रु संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश दिए गए थे। इस आदेश के बाद जमीन को कब्जे में लेने का काम शुरू कर दिया गया है। यहां पर 13.08 हेक्टेयर जमीन है,जिसमें 45 गाटा है। इस जमीन को कब्जे में लेकर शत्रु संपत्ति विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। - मोनिका सिंह, एसडीएम सदर
शत्रु संपत्ति मामले में उर्दू अनुवादक ने दर्ज कराए बयान
आजम खां पर दर्ज शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस में तैनात उर्दू अनुवादक सुहेल खां ने कोर्ट में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। उनकी मुख्य परीक्षा पूरी हो गई है। जिरह के लिए एक अगस्त की तारीख तय की गई है।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ वर्ष 2019 में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें शत्रु संपत्ति कब्जाने का भी मामला है। यह मामला सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अलमा जमीर रिजवी ने अजीमनगर थाने में दर्ज कराया था। इसमें जौहर ट्रस्ट के चेयरमैन आजम खां समेत अन्य सदस्यों को नामजद किया था।