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जानलेवा बुखार ने लील ली दो और जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:25 PM IST
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क्षेत्र में बुखार जानलेवा हो चुका है। इस बार उसने बीटेक के छात्र समेत दो लोगों की जिंदगी लील ली। दोनों में डेंगू के लक्षण बताए गए हैं। टांडा और दढ़ियाल में बुखार से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं, बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ने के कारण सीएचसी में दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
सिकंदराबाद के अहसान उर्फ नन्हे की चौदह वर्षीय बेटी मेहजहां को सप्ताहभर पहले तेज बुखार आने पर गांव के निजी चिकित्सक को दिखाया गया था। हालत बिगड़ने पर टांडा सीएचसी से मुरादाबाद और बाद में दिल्ली के लोक नारायण जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां शुक्रवार की शाम सात बजे किशोरी की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने किशोरी में डेंगू के लक्षण होने का बताया है। वहीं इससे पहले क्षेत्र के ही हजरत नगर के आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद से बीटेक में पढ़ रहे छात्र सचिन पुत्र संजय की बुखार से मौत हो गई। उसे भी सप्ताह भर पहले बुखार आने पर टांडा से मुरादाबाद और बाद में मेरठ ले जाया गया था।
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छात्र को बचाया नहीं जा सका। छात्र में भी डेंगू के लक्षण होने के बारे में बताया गया है। वहीं, नगर और क्षेत्र में बुखार के रोगियों की संख्या में कमी आने का नाम नहीं ले रही है। टांडा में निजी अस्पताल के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए लाया जाता है। वहीं, अस्पताल में दवाओं के अभाव के कारण तेज बुखार के रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। लोगों ने अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं होने पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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सिकंदराबाद के अहसान उर्फ नन्हे की चौदह वर्षीय बेटी मेहजहां को सप्ताहभर पहले तेज बुखार आने पर गांव के निजी चिकित्सक को दिखाया गया था। हालत बिगड़ने पर टांडा सीएचसी से मुरादाबाद और बाद में दिल्ली के लोक नारायण जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां शुक्रवार की शाम सात बजे किशोरी की मौत हो गई।
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परिजनों ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने किशोरी में डेंगू के लक्षण होने का बताया है। वहीं इससे पहले क्षेत्र के ही हजरत नगर के आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद से बीटेक में पढ़ रहे छात्र सचिन पुत्र संजय की बुखार से मौत हो गई। उसे भी सप्ताह भर पहले बुखार आने पर टांडा से मुरादाबाद और बाद में मेरठ ले जाया गया था।
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छात्र को बचाया नहीं जा सका। छात्र में भी डेंगू के लक्षण होने के बारे में बताया गया है। वहीं, नगर और क्षेत्र में बुखार के रोगियों की संख्या में कमी आने का नाम नहीं ले रही है। टांडा में निजी अस्पताल के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए लाया जाता है। वहीं, अस्पताल में दवाओं के अभाव के कारण तेज बुखार के रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। लोगों ने अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं होने पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।