रामपुर। आसरा आवासों की गुणवत्ता की जांच के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय तकनीकी टीम गठित कर दी है। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कालोनी में जाकर घटना स्थल का जायजा लिया। लोगों से बातचीत की। उन्होंने नगर पालिका एवं डूडा (नगरीय विकास अभिकरण) के अधिकारियों से भी जानकारी ली।
चपटा कालोनी स्थित आसरा आवास कालोनी की दो योजनाएं स्वीकृत हुईं थीं। इनमें पहले चरण की योजना के तहत 192 आवास बनाए जाने थे, जबकि दूसरे चरण में 288 आवासों का निर्माण होना था। बालकनी गिरने का हादसा दूसरे चरण की योजना के तहत बने आवासों में हुआ है। जिसमें एक गर्भवती महिला की जान चली गई, जबकि उसकी मां और दो भाई गंभीरावस्था में जिला अस्पताल में भर्ती है। हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने तकनीकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया, जिसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंगा प्रसाद गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके वर्मा एवं अधिशासी अभियंता जल निगम मोहित राय शामिल हैं। तीनों ही अधिकारी इस मामले की जांच करेंगे कि बालकनी गिरने का क्या कारण था और आवासों के निर्माण में तो कोई कमी नहीं रह गई थी। वहीं, अपर जिलाधिकारी प्रशासन दोपहर के समय कालोनी पहुंच गए, जहां उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। साथ ही लोगों से भी बातचीत की।