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Rampur News: दाखिल खारिज की पत्रावलियां लटकाने पर अधिवक्ताओं की तीन दिवसीय हड़ताल
Thu, 29 Oct 2026 12:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 29 Oct 2026 12:57 AM IST
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बिलासपुर। बार एसोसिएशन बिलासपुर की बुधवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील में दाखिल खारिज की पत्रावलियों पर रिपोर्ट न लगाने और मामलों को लटकाने पर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का कहना था कि समय से दाखिल खारिज की पत्रावलियों पर रिपोर्ट नहीं लग रही है। कई पत्रावलियां विचाराधीन होने के बावजूद उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी गई है।
बार एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट और बयान न होने के कारण दाखिल खारिज की पत्रावलियां साक्ष्य के अभाव में नियम विरुद्ध तरीके से खारिज की जा रही हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि रुद्रपुर सीमा से लगे गांवों के लेखपाल लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात हैं। उन्हें हटाकर अन्य जगह स्थानांतरित किया जाए।
आरोप है कि कुछ लेखपालों का अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार भी सही नहीं है। अधिवक्ताओं के पास धारा 80 या अन्य कोई काम आने पर रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल को दिया जाता है, तो वे गांव जाकर पक्षकारों को धमकाते हैं। साथ ही, अधिवक्ताओं से काम न करवाकर खुद से काम करवाने के लिए दबाव बनाते हैं। इससे अधिवक्ताओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।
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दाखिल खारिज की अविवादित पत्रावलियों में भी समय से कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे अधिवक्ताओं में रोष है। इसको लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विरोध में बार एसोसिएशन बिलासपुर के समस्त अधिवक्ता 28 से 30 अक्तूबर तक सभी न्यायालयों में सांकेतिक रूप से कार्य से विरत रहेंगे। इस अवधि तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो दोबारा बैठक कर अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा।
प्रस्ताव की प्रति ग्राम न्यायालय, उप जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और नायब तहसीलदार को भेजी गई है। बैठक में अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सक्सेना, सचिव राकेश कुमार शर्मा, अमरीक सिंह चौहान, गुरपाल सिंह गिल, अमरीश कुमार और दीपांकर बैरागी आदि मौजूद रहे।
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बार एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट और बयान न होने के कारण दाखिल खारिज की पत्रावलियां साक्ष्य के अभाव में नियम विरुद्ध तरीके से खारिज की जा रही हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि रुद्रपुर सीमा से लगे गांवों के लेखपाल लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात हैं। उन्हें हटाकर अन्य जगह स्थानांतरित किया जाए।
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आरोप है कि कुछ लेखपालों का अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार भी सही नहीं है। अधिवक्ताओं के पास धारा 80 या अन्य कोई काम आने पर रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल को दिया जाता है, तो वे गांव जाकर पक्षकारों को धमकाते हैं। साथ ही, अधिवक्ताओं से काम न करवाकर खुद से काम करवाने के लिए दबाव बनाते हैं। इससे अधिवक्ताओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।
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दाखिल खारिज की अविवादित पत्रावलियों में भी समय से कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे अधिवक्ताओं में रोष है। इसको लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विरोध में बार एसोसिएशन बिलासपुर के समस्त अधिवक्ता 28 से 30 अक्तूबर तक सभी न्यायालयों में सांकेतिक रूप से कार्य से विरत रहेंगे। इस अवधि तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो दोबारा बैठक कर अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा।
प्रस्ताव की प्रति ग्राम न्यायालय, उप जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और नायब तहसीलदार को भेजी गई है। बैठक में अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सक्सेना, सचिव राकेश कुमार शर्मा, अमरीक सिंह चौहान, गुरपाल सिंह गिल, अमरीश कुमार और दीपांकर बैरागी आदि मौजूद रहे।