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Rampur News: आस्था का केंद्र है 75 साल पुराना श्री भगवती दुर्गा मंदिर

Sun, 18 Oct 2026 02:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Sun, 18 Oct 2026 02:39 AM IST
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The 75-year-old Shri Bhagwati Durga Temple is a center of faith.
बिलासपुर (रामपुर)। मोहल्ला शीरी मियां स्थित श्री भगवती दुर्गा मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। करीब 75 वर्ष पुराने इस मंदिर की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि यहां हिंदू ही नहीं, अन्य समुदायों के लोग भी शीश झुकाने आते हैं।
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किंवदंती है जब मां ने टाली थी महामारी
मंदिर के पुजारी संदीप शर्मा बताते हैं कि मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है। करीब 75 साल पहले जब यहां गिने-चुने घर ही थे और चारों ओर सन्नाटा पसरा था, तब कश्यप समाज के लोगों ने इस स्थान पर मां भगवती की छोटी सी पिंडी स्थापित कर पूजा शुरू की थी। किंवदंती है कि एक बार नगर में भयंकर महामारी फैल गई थी। लोग बीमारी से त्राहि-त्राहि कर रहे थे। तब सभी ग्रामीण एकजुट होकर मां भगवती के चरणों में पहुंचे और अखंड पाठ व हवन किया। मान्यता है कि मां की कृपा से कुछ ही दिनों में महामारी का प्रकोप शांत हो गया। तभी से इस मंदिर को चमत्कारी माना जाने लगा और लोगों की आस्था कई गुना बढ़ गई। कश्यप समाज के लोग आज भी मंदिर की सेवा और बागडोर संभाले हुए हैं।
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धार्मिक मान्यता - नवरात्र में बढ़ जाता है महत्व
श्रद्धालुओं के अनुसार इस मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ होता है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्र में इसका विशेष महत्व है। नवरात्र के नौ दिन यहां अखंड ज्योति जलती है, दुर्गा सप्तशती का पाठ और भजन-कीर्तन लगातार चलता है। मान्यता है कि इन दिनों में मां भगवती साक्षात रूप में मंदिर में विराजमान रहती हैं। नगर व क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर मां के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। संतान प्राप्ति, व्यापार में वृद्धि और रोग से मुक्ति के लिए यहां विशेष पूजा की जाती है। मंदिर में पूरे साल कुछ न कुछ धार्मिक अनुष्ठान चलते रहते हैं। मनोकामना पूरी होने पर भक्त मां के चरणों में चुनरी, प्रसाद और अपनी श्रद्धा अनुसार दान-पुण्य करते हैं। अब घनी आबादी के बीच स्थित यह मंदिर नगर की पहचान बन चुका है और लोगों का अटूट विश्वास है कि जो भी सच्ची आस्था से यहां आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता।
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