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Rampur News: साथी की आत्महत्या से जिले के शिक्षकों में भी आक्रोश
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रामपुर। बीएलओ का कार्य कर रहे शिक्षक सर्वेश सिंह की आत्महत्या के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षक संघ ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बीएलओ को हर दिन का टारगेट दिया जा रहा है, ऐसा लगता है जैसे ये इंसान नहीं मशीन हैं।
शिक्षक संघ नेताओं ने कहा कि एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ और सहायक कार्मिकों को प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगातार डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं। ऐसे असहज और डरावने हालातों ने हमारे साथी सर्वेश सिंह को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर किया।
नेताओं ने कहा कि संपूर्ण शिक्षक समुदाय अवसाद और गहरे दुख में है, लेकिन आत्महत्या समाधान नहीं। अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लड़ना होगा, एक होना होगा। वहीं बीएलओ ड्यूटी कर रहे शिक्षकों ने बताया सुबह से रात तक गलियों में भटकना, गलत पते, अधूरे फॉर्म और ऊपर से हर दिन का टारगेट, ऐसा लगता है जैसे इंसान नहीं, हमसे मशीन वाली उम्मीद की जा रही है।
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लोगों की लापरवाही, अपमानजनक जवाब, और रात–रात तक सिस्टम में अपलोड करने की जद्दोजहद ये सब मिलकर बीएलओ को सिर्फ थकाते नही,उसे अंदर से तोड़ देते हैं। कहा कि आज हालात ये हैं कि कई बीएलओ अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर टूट रहे हैं, घुट रहे हैं, इतना कि उनकी मानसिक हालत सवालों में घिर जाती है।
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शिक्षक संघ नेताओं ने कहा कि एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ और सहायक कार्मिकों को प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगातार डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं। ऐसे असहज और डरावने हालातों ने हमारे साथी सर्वेश सिंह को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर किया।
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नेताओं ने कहा कि संपूर्ण शिक्षक समुदाय अवसाद और गहरे दुख में है, लेकिन आत्महत्या समाधान नहीं। अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लड़ना होगा, एक होना होगा। वहीं बीएलओ ड्यूटी कर रहे शिक्षकों ने बताया सुबह से रात तक गलियों में भटकना, गलत पते, अधूरे फॉर्म और ऊपर से हर दिन का टारगेट, ऐसा लगता है जैसे इंसान नहीं, हमसे मशीन वाली उम्मीद की जा रही है।
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लोगों की लापरवाही, अपमानजनक जवाब, और रात–रात तक सिस्टम में अपलोड करने की जद्दोजहद ये सब मिलकर बीएलओ को सिर्फ थकाते नही,उसे अंदर से तोड़ देते हैं। कहा कि आज हालात ये हैं कि कई बीएलओ अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर टूट रहे हैं, घुट रहे हैं, इतना कि उनकी मानसिक हालत सवालों में घिर जाती है।