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किसी देश के विकास की रीढ़ होती है उसकी राजभाषा
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रामपुर। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत हिंदी शिक्षक सम्मान समारोह हुआ। जिसमें हिंदी के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। हिंदी भाषा के उत्थान के लिए विचार गोष्ठी भी हुई।
ज्ञान मंदिर पुस्तकालय में हुए हिंदी शिक्षक सम्मान समारोह में वर्तमान वैश्वीकरण के युग में हिंदी के प्रचार प्रसार विषय पर हुई गोष्ठी में शिक्षकों ने विचार रखे। मुनीश चंद्र शर्मा ने कहा कि किसी देश की राजभाषा ही उस देश के विकास की रीढ़ होती है। यही भाषा विश्व में उसकी पहचान बनाती है। प्रीति तोमर ने कहा कि हिंदी की प्रारंभ हमें अपने घर से करना चाहिए। बच्चों को हिंदी की ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने के लिए बच्चों को उत्साहित करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं हिंदी भाषा में ही कराई जाएं। प्रीति कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हिंदी भारत देश को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। इस अवसर पर डा. अरुण कुमार, मुनीश चंद्र शर्मा, ओमप्रकाश, प्रीति तोमर, डा. गीता सैनी, प्रीति कुलश्रेष्ठ, ममता सक्सेना, स्मिता गुप्ता, शिखा जोशी, अंजु शर्मा, सुनीता देवी, नीता सक्सेना, सुनीता गौड़, दिनेश कुमार आदि शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, रविंद्र गुप्ता, प्रवेश रस्तोगी, विपुल गुप्ता, अनमोल कुमार अनुज, अचल राज पांडे, राजीव अग्रवाल, सतीश चंद्र गुप्ता, भगवत सरन गुप्ता, आशु गुप्ता, राजेश कुमार, अनिल अग्रवाल, राम आसरे ग़ुप्ता, जगन्नाथ चावला, गिरीश कुमार गुप्ता, दिनेश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
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ज्ञान मंदिर पुस्तकालय में हुए हिंदी शिक्षक सम्मान समारोह में वर्तमान वैश्वीकरण के युग में हिंदी के प्रचार प्रसार विषय पर हुई गोष्ठी में शिक्षकों ने विचार रखे। मुनीश चंद्र शर्मा ने कहा कि किसी देश की राजभाषा ही उस देश के विकास की रीढ़ होती है। यही भाषा विश्व में उसकी पहचान बनाती है। प्रीति तोमर ने कहा कि हिंदी की प्रारंभ हमें अपने घर से करना चाहिए। बच्चों को हिंदी की ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने के लिए बच्चों को उत्साहित करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं हिंदी भाषा में ही कराई जाएं। प्रीति कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हिंदी भारत देश को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। इस अवसर पर डा. अरुण कुमार, मुनीश चंद्र शर्मा, ओमप्रकाश, प्रीति तोमर, डा. गीता सैनी, प्रीति कुलश्रेष्ठ, ममता सक्सेना, स्मिता गुप्ता, शिखा जोशी, अंजु शर्मा, सुनीता देवी, नीता सक्सेना, सुनीता गौड़, दिनेश कुमार आदि शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, रविंद्र गुप्ता, प्रवेश रस्तोगी, विपुल गुप्ता, अनमोल कुमार अनुज, अचल राज पांडे, राजीव अग्रवाल, सतीश चंद्र गुप्ता, भगवत सरन गुप्ता, आशु गुप्ता, राजेश कुमार, अनिल अग्रवाल, राम आसरे ग़ुप्ता, जगन्नाथ चावला, गिरीश कुमार गुप्ता, दिनेश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
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