रामपुर। राजकीय इंटर कालेज शाहबाद में छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों संग पर्यावरण संरक्षण के लिए इस बार दिवाली पर आतिशबाजी न करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में संजीव शर्मा ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण पर आतिशबाजी के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। छात्र-छात्राओं को आतिशबाजी न करने की शपथ दिलाने के बाद प्रधानचार्य ने संबोधित करते हुए कहा कि आतिशबाजी के धुएं से पर्यावरण और मानव सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ाता है तो वहीं मानव शरीर में भी कई रोगों का कारण बनता है। इससे सांस के रोगियों को सबसे अधिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है। पहले ही वाहनों, कारखानों और अन्य कारणों से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना दूभर हो रहा है। सरकार और कई संगठन पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत हैं और पौधरोपण अभियान चला रहे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को पौधरोपण तो करना ही चाहिए। साथ ही आतिशबाजी से भी तौबा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े शहरों के बाद छोटे-छोटे शहरों और गांव-कस्बों तक में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। ऐसे में आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण और बढ़ता है, जो कि सभी के लिए नुकसानदेह है। इस अवसर पर नजमत अली, मुकेश कुमार, राजपाल, विद्याराम, शिशपाल, शाजिया, सीमा बी, वीर सिंह, हरेंद्र प्रताप सिंह, सौरभ भटनागर आदि मौजूद रहे।