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जौहर यूनिवर्सिटी का सेस कम निर्धारित करने के मामले में सीएम ने दिए जांच के आदेश
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रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी में बनी इमारतों पर सेस (अधिभार) के कम आंकलन करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच प्रमुख सचिव श्रम को सौंपी है। उन्होंने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की है, जिसके बाद जांच के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय अध्यक्ष आकाश सक्सेना ने कहा था कि यूनिवर्सिटी में बड़े-बड़े भवनों का निर्माण 2015 तक करवाया गया था, जिसका सेस जमा नहीं किया गया। सेस जमा न करने की शिकायत उन्होंने शासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से की थी। इस पर 23 जनवरी 2015 को सपा सरकार में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के तहत जौहर यूनिवर्सिटी में भवनों की कुल निर्माण लागत दो हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। संपूर्ण लागत का एक फीसद सेस 20 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश जौहर यूनिवर्सिटी को दिए गए। यूनिवर्सिटी ने यह सेस जमा नहीं किया, जिसकी उन्होंने फिर शिकायत की। इस मामले में शासन ने जिलाधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए थे, जिसके बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अफसरों से निर्मित भवनों पर सेस का आंकलन करने के आदेश दिए थे। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने सेस का आंकलन करते हुए 1.37 करोड़ रुपये निर्धारित किया था। 1.37 करोड़ का सेस जमा कराने के लिए यूनिवर्सिटी को आरसी भी जारी की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की दो निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया है। अधिकारियों ने कहा था कि इन भवनों की नीलामी कर सेस की भरपाई की जाएगी। वहीं भाजपा नेता का आरोप है कि सेस का कम आकलन किया है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की, जिसके बाद सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने यह जांच प्रमुख सचिव श्रम को सौंपी है।
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भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय अध्यक्ष आकाश सक्सेना ने कहा था कि यूनिवर्सिटी में बड़े-बड़े भवनों का निर्माण 2015 तक करवाया गया था, जिसका सेस जमा नहीं किया गया। सेस जमा न करने की शिकायत उन्होंने शासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से की थी। इस पर 23 जनवरी 2015 को सपा सरकार में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के तहत जौहर यूनिवर्सिटी में भवनों की कुल निर्माण लागत दो हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। संपूर्ण लागत का एक फीसद सेस 20 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश जौहर यूनिवर्सिटी को दिए गए। यूनिवर्सिटी ने यह सेस जमा नहीं किया, जिसकी उन्होंने फिर शिकायत की। इस मामले में शासन ने जिलाधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए थे, जिसके बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अफसरों से निर्मित भवनों पर सेस का आंकलन करने के आदेश दिए थे। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने सेस का आंकलन करते हुए 1.37 करोड़ रुपये निर्धारित किया था। 1.37 करोड़ का सेस जमा कराने के लिए यूनिवर्सिटी को आरसी भी जारी की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की दो निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया है। अधिकारियों ने कहा था कि इन भवनों की नीलामी कर सेस की भरपाई की जाएगी। वहीं भाजपा नेता का आरोप है कि सेस का कम आकलन किया है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की, जिसके बाद सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने यह जांच प्रमुख सचिव श्रम को सौंपी है।
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