{"_id":"cfceade0a3ae3cad956ce941a4b69d49","slug":"secretory-suspend-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदान की गोपनीयता भंग होने पर सेक्रेटरी सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदान की गोपनीयता भंग होने पर सेक्रेटरी सस्पेंड
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानी के चुनाव में स्वार के दो गांवों में बूथ बनाने में लापरवाही बरती गई थी। बूथ को ढकने के लिए महीन चादर का इस्तेमाल किया गया था। मतदान की गोपनीयता भंग होने पर ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। स्वार क्षेत्र में पिछले दिनों प्रधानी के लिए मतदान हुआ था।
मतदान केंद्रों पर बूथ बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों को सौंपी गई थी। बूथ मनाने के मानक निर्धारित किए गए थे। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को हिदायत दी गई थी कि बूथ बनाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए मतदान की गोपनीयता बनी रही।
सेंटाखेड़ा और सिहोरा मतदान केंद्रों पर बूथ बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी करन लाल को सौंपी गई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी ने दोनों गांवों में बूथ बनाने में मानकों की अनदेखी की। मतदान शुरू होने के चार घंटे बाद जिलाधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने बूथों का निरीक्षण किया तो देखा कि मतदान की गोपनीयता भंग हो रही थी।
विज्ञापन
डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी मानते हुए निलंबित करने के आदेश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी एके शाही के मुताबिक ग्राम पंचायत अधिकारी ने बूथ को कवर्ड करने के लिए इतनी महीन चादर का इस्तेमाल किया था कि ये दिख रहा था कि कौन मतदाता किस निशान पर मुहर लगा रहा है। बूथ की आड़ भी नहीं की थी।
विज्ञापन
मतदान केंद्रों पर बूथ बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों को सौंपी गई थी। बूथ मनाने के मानक निर्धारित किए गए थे। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को हिदायत दी गई थी कि बूथ बनाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए मतदान की गोपनीयता बनी रही।
विज्ञापन
सेंटाखेड़ा और सिहोरा मतदान केंद्रों पर बूथ बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी करन लाल को सौंपी गई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी ने दोनों गांवों में बूथ बनाने में मानकों की अनदेखी की। मतदान शुरू होने के चार घंटे बाद जिलाधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने बूथों का निरीक्षण किया तो देखा कि मतदान की गोपनीयता भंग हो रही थी।
विज्ञापन
डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी मानते हुए निलंबित करने के आदेश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी एके शाही के मुताबिक ग्राम पंचायत अधिकारी ने बूथ को कवर्ड करने के लिए इतनी महीन चादर का इस्तेमाल किया था कि ये दिख रहा था कि कौन मतदाता किस निशान पर मुहर लगा रहा है। बूथ की आड़ भी नहीं की थी।