{"_id":"61608fcc8ebc3e62906b45aa","slug":"second-day-of-navrat-rampur-news-mbd4054994184","type":"story","status":"publish","title_hn":"आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा, मां तू ही है सहारा........","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा, मां तू ही है सहारा........
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर/स्वार। भव्य रूप से मां दुर्गे के दरबार सजे । मां की पूजा में खोए श्रद्धालु। घंटे की टंकार से और शंखनाद से गूंजता वातावरण। शेरावाली के जयकारों से गूंजती फिजा। कुछ ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन पूजा अर्चना का। श्रद्धालु दिनभर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना में खोए रहे।
शुक्रवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं ने घरों में सजे मां के दरबार के सम्मुख श्रद्धालुओं ने विधि विधान से मां की पूजा अर्चना की। मां को तिलक लगाया। विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद हुआ दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा चालीसा का वाचन करने के बाद भगवान गणेश और महामाईं की आरती उतारी। मां ब्रह्मचारिणी से परिवार की समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। दिनभर श्रद्धालु पूजा पाठ में तल्लीन रहे। शाम को मंदिरों और घरों में मातृ शक्ति ने महामाई के भजन गाए।
स्वार में नवरात्र के दूसरे दिन मां शक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना हुई। श्रद्घालुओं ने घरों और मंदिरों में पूजा अर्चना कर उपवास रखा। दिनभर मंदिरों में भीड़ लगी रही। शाम को मातृ शक्ति ने महामाईं के छंद गाए। शाहबाद में भी माता रानी की पूजा अर्चना कर उपवास रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं ने घरों में सजे मां के दरबार के सम्मुख श्रद्धालुओं ने विधि विधान से मां की पूजा अर्चना की। मां को तिलक लगाया। विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद हुआ दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा चालीसा का वाचन करने के बाद भगवान गणेश और महामाईं की आरती उतारी। मां ब्रह्मचारिणी से परिवार की समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। दिनभर श्रद्धालु पूजा पाठ में तल्लीन रहे। शाम को मंदिरों और घरों में मातृ शक्ति ने महामाई के भजन गाए।
विज्ञापन
स्वार में नवरात्र के दूसरे दिन मां शक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना हुई। श्रद्घालुओं ने घरों और मंदिरों में पूजा अर्चना कर उपवास रखा। दिनभर मंदिरों में भीड़ लगी रही। शाम को मातृ शक्ति ने महामाईं के छंद गाए। शाहबाद में भी माता रानी की पूजा अर्चना कर उपवास रखा।
विज्ञापन