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मैंने तो अपना वादा निभाया मां, तुम ही मुझे छोड़ गई
मोहित सक्सेना/अमर उजाला, रामपुर
Updated Mon, 30 May 2016 01:01 AM IST
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सपना पूरा हुआ। सीबीएसई हाईस्कूल में 10सीजीपीए आई। दोस्तों ने फोन कर बधाई दी लेकिन हारिश खुशी मनाने के बजाय गम के दरिया में डूब चुका था। जिस मां ने ठीक होने का वादा किया था वह दुनिया को नतीजे वाले दिन ही अलविदा कह चुकी थी। अमर उजाला से बातचीत में हारिस ने कहा- मां मुझसे झूठा वादा कर ऊपर वाले के पास चली गई... यह कहते हुए उसके ओंठ थरथरा उठे...आंसू छलक पड़े...।
यह वाकया है शहर के मुहल्ला मीठा कुआं जसौदी प्रधान की मसजिद में रहने वाले हारिस अली का। ठेकेदार शाकिर अली का पुत्र हारिस अली ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा दस का छात्र है। शनिवार को दसवीं का रिजल्ट घोषित हुआ तब वह दिल्ली में था। हारिस अली की मां राना कामनी दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती थी। वह कैंसर रोग से लड़ रही थीं।
हाईस्कूल में 10 सीजीपीए की खुशी मां से बांटने हारिस अपोलो अस्पताल पहुंचा, लेकिन बेटे की इस उपलब्धि को सुनने से पहले ही मां दुनिया छोड़ चुकी थी। हारिस को मोबाइल पर लगातार 100 प्रतिशत अंक अर्जित करने पर बधाई दे रहे थे और वह सुबकते हुए हर एक को अपनी मां की मौत की खबर की दे रहा था। उसका गला रुंधा हुआ था।
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अमर उजाला से बातचीत में हारिस ने कहा कि उसकी मां का सपना था कि वह आईएएस बनकर देश की सेवा करे।
इसके लिए उसने दसवीं में अच्छे नंबरों से पास होने का वचन लिया था। हारिस ने भी अपनी मां को अच्छे नंबरों से पास होने का वचन दिया था। इस वचन को पूरा करने के लिए उसने रात-रात भर मेहनत की। इस मेहनत का नतीजा शनिवार को सामने आ गया। अब वह अपनी मां के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। दो भाइयों में सबसे बड़े हारिस ने कहा कि मां को दिया एक वचन तो पूरा हो गया। अब मां के सपने को पूरा करने के लिए हर कोशिश करूंगा।
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यह वाकया है शहर के मुहल्ला मीठा कुआं जसौदी प्रधान की मसजिद में रहने वाले हारिस अली का। ठेकेदार शाकिर अली का पुत्र हारिस अली ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा दस का छात्र है। शनिवार को दसवीं का रिजल्ट घोषित हुआ तब वह दिल्ली में था। हारिस अली की मां राना कामनी दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती थी। वह कैंसर रोग से लड़ रही थीं।
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हाईस्कूल में 10 सीजीपीए की खुशी मां से बांटने हारिस अपोलो अस्पताल पहुंचा, लेकिन बेटे की इस उपलब्धि को सुनने से पहले ही मां दुनिया छोड़ चुकी थी। हारिस को मोबाइल पर लगातार 100 प्रतिशत अंक अर्जित करने पर बधाई दे रहे थे और वह सुबकते हुए हर एक को अपनी मां की मौत की खबर की दे रहा था। उसका गला रुंधा हुआ था।
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अमर उजाला से बातचीत में हारिस ने कहा कि उसकी मां का सपना था कि वह आईएएस बनकर देश की सेवा करे।
इसके लिए उसने दसवीं में अच्छे नंबरों से पास होने का वचन लिया था। हारिस ने भी अपनी मां को अच्छे नंबरों से पास होने का वचन दिया था। इस वचन को पूरा करने के लिए उसने रात-रात भर मेहनत की। इस मेहनत का नतीजा शनिवार को सामने आ गया। अब वह अपनी मां के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। दो भाइयों में सबसे बड़े हारिस ने कहा कि मां को दिया एक वचन तो पूरा हो गया। अब मां के सपने को पूरा करने के लिए हर कोशिश करूंगा।