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अफसरों को सौंपी जाएगी गांवों के विकास की जिम्मेदारी
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रामपुर। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्वच्छता समिति एवं राज्य पोषण मिशन की बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने जनपद में स्वच्छता की समीक्षा के दौरान कहा कि अधिकारियों को गांव के विकास की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिसमें अधिकारी द्वारा माह में दो बार गांव का भ्रमण करके गांव में स्वास्थ्य, पोषण, साफ-सफाई सहित विभिन्न विषयों का स्थलीय निरीक्षण करके अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि वे ऐसी कार्य योजना तैयार कराएं, जिसमें प्रत्येक ग्राम प्रधान को टॉयलेट एक प्रेम कथा सहित स्वच्छता को बढ़ावा देने से संबंधित फिल्में दिखाए जाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि ग्रामीण जन शौचालय के महत्व को समझ सके तथा नियमित रूप से शौचालय का प्रयोग करें। पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में एनीमिक महिला एवं बालिकाओं का सही डाटा होना सबसे जरूरी है, तभी जरूरी कदम उठाना संभव होगा। इसके लिए सभी सीडीपीओ गंभीर होकर एनीमिक महिलाओं एवं किशोरियों का चिन्हीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुपोषण किसी खर्च या अभाव से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह बेहतर जागरूकता से ही संभव है। कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कार्मिकों को चिन्हित करके उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुबोध कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
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उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि वे ऐसी कार्य योजना तैयार कराएं, जिसमें प्रत्येक ग्राम प्रधान को टॉयलेट एक प्रेम कथा सहित स्वच्छता को बढ़ावा देने से संबंधित फिल्में दिखाए जाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि ग्रामीण जन शौचालय के महत्व को समझ सके तथा नियमित रूप से शौचालय का प्रयोग करें। पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में एनीमिक महिला एवं बालिकाओं का सही डाटा होना सबसे जरूरी है, तभी जरूरी कदम उठाना संभव होगा। इसके लिए सभी सीडीपीओ गंभीर होकर एनीमिक महिलाओं एवं किशोरियों का चिन्हीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुपोषण किसी खर्च या अभाव से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह बेहतर जागरूकता से ही संभव है। कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कार्मिकों को चिन्हित करके उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुबोध कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
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