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स्टोन क्रशर स्वामी से धोखाधड़ी के आरोप में चार पर रिपोर्ट दर्ज
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स्वार(रामपुर)/काशीपुर। स्टोन क्रशर की मशीनों को गायब करने और कारोबार में धोखाधड़ी करने के मामले में स्वार थाने की पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। नामजद लोगों में काशीपुर (उत्तराखंड) के ब्लॉक प्रमुख अर्जुन कश्यप भी शामिल हैं।
दिल्ली के कालका जी निवासी सुशील कुमार मैसर्स श्रेय ग्रिट उद्योग के प्रोपराइटर हैं। उनका कहना है कि साल 2016 में नगीना-काशीपुर मार्ग के निर्माण के लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था से प्रति माह एक लाख मीट्रिक टन रेत-बजरी, पथरी की सप्लाई का काम लिया था। इस काम के लिए नगीना-काशीपुर रोड पर क्रशर की स्थापना की जानी थी। इसके लिए उन्होंने स्वार निवासी एक ग्रामीण की भूमि किराए पर लेकर स्टोन क्रशर की स्थापना की थी और उस पर फाइनेंस कराते हुए मशीनें लगाई थीं। किन्ही कारणों से वर्ष 2017 में क्रशर बंद हो गया। इस कारण उसकी देखभाल के लिए जसपुर खुर्द के सैनी कालोनी निवासी संजय कश्यप के साथ पार्टनरशिप की थी।
सुशील कुमार का आरोप है लॉकडाउन प्रभावी होने के बाद संजय ने मनमाने तरीके से क्रशर चलाया और फाइनेंस की किस्तें अदा नहीं कीं। इस मामले की जानकारी होने पर सुशील कुमार क्रशर पर पहुंचे तो वहां से करीब एक करोड़ की मशीनें गायब थीं। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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स्वार के कार्यवाहक थाना प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि सुशील कुमार की तहरीर के आधार पर जसपुर खुर्द के सैनी कॉलोनी निवासी संजय कश्यप, अतुल कश्यप, अर्जुन कश्यप और अजय कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। नामजद लोगों में शामिल अर्जुन कश्यप को उत्तराखंड के काशीपुर से ब्लॉक प्रमुख बताया जा रहा है।
धोखाधड़ी समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट -
स्वार थाने में अर्जुन कश्यप समेत चार लोगों पर दर्ज हुई रिपोर्ट में आईपीसी की धारा 379(चोरी करना), 420 (धोखाधड़ी), 406(विश्वास का अपराधिक हनन करने), 467, 468 (कूटरचित दस्तावेजों को छल के लिए प्रयोग करने) का प्रयोग किया गया है।
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दिल्ली के कालका जी निवासी सुशील कुमार मैसर्स श्रेय ग्रिट उद्योग के प्रोपराइटर हैं। उनका कहना है कि साल 2016 में नगीना-काशीपुर मार्ग के निर्माण के लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था से प्रति माह एक लाख मीट्रिक टन रेत-बजरी, पथरी की सप्लाई का काम लिया था। इस काम के लिए नगीना-काशीपुर रोड पर क्रशर की स्थापना की जानी थी। इसके लिए उन्होंने स्वार निवासी एक ग्रामीण की भूमि किराए पर लेकर स्टोन क्रशर की स्थापना की थी और उस पर फाइनेंस कराते हुए मशीनें लगाई थीं। किन्ही कारणों से वर्ष 2017 में क्रशर बंद हो गया। इस कारण उसकी देखभाल के लिए जसपुर खुर्द के सैनी कालोनी निवासी संजय कश्यप के साथ पार्टनरशिप की थी।
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सुशील कुमार का आरोप है लॉकडाउन प्रभावी होने के बाद संजय ने मनमाने तरीके से क्रशर चलाया और फाइनेंस की किस्तें अदा नहीं कीं। इस मामले की जानकारी होने पर सुशील कुमार क्रशर पर पहुंचे तो वहां से करीब एक करोड़ की मशीनें गायब थीं। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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स्वार के कार्यवाहक थाना प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि सुशील कुमार की तहरीर के आधार पर जसपुर खुर्द के सैनी कॉलोनी निवासी संजय कश्यप, अतुल कश्यप, अर्जुन कश्यप और अजय कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। नामजद लोगों में शामिल अर्जुन कश्यप को उत्तराखंड के काशीपुर से ब्लॉक प्रमुख बताया जा रहा है।
धोखाधड़ी समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट -
स्वार थाने में अर्जुन कश्यप समेत चार लोगों पर दर्ज हुई रिपोर्ट में आईपीसी की धारा 379(चोरी करना), 420 (धोखाधड़ी), 406(विश्वास का अपराधिक हनन करने), 467, 468 (कूटरचित दस्तावेजों को छल के लिए प्रयोग करने) का प्रयोग किया गया है।