{"_id":"6ae64a939ec1408e2b0ef8a5","slug":"released-during-the-day-played-by-the-ed-in-the-evening-rampur-news-c-15-1-mbd1008-1029197-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: दिनभर रिहाई की मशक्कत, शाम को ईडी ने कर दिया खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: दिनभर रिहाई की मशक्कत, शाम को ईडी ने कर दिया खेल
Sun, 01 Nov 2026 01:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 01 Nov 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
रामपुर। सुबह से शाम तक अदालत में रिहाई की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराने की भागदौड़ चलती रही। एक के बाद एक मुकदमों में जमानत और रिहाई के परवाने जारी कराने के लिए आजम खां के पैरोकार और अधिवक्ता शनिवार दिनभर जुटे रहे। उम्मीद थी कि तमाम औपचारिकताएं पूरी होते ही आजम खां जेल से बाहर आ जाएंगे। शाम होते-होते ईडी टीम के कदमों ने माहौल पलट दिया। जेल से बाहर निकलते ही आजम को हिरासत में लेकर टीम चली गई। जिसने रिहाई की खुशी में जश्न की तैयारी कर रहे समर्थकों के चेहरे उतर गए। पलभर में पूरा नजारा बदल गया।
दरअसल, रामपुर कोर्ट में ईडी की ओर से आजम खां को हिरासत में लेने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही आजम खां से जुड़े पैरोकार और अधिवक्ता सक्रिय हो गए। उन्हें अंदेशा था कि ईडी की कार्रवाई के चलते रिहाई में अड़चन आ सकती है। ऐसे में उन्होंने तेजी दिखाते हुए अदालत से रिहाई के परवाने जारी कराने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने की कोशिश शुरू कर दी। दिनभर इसी को लेकर कानूनी मशक्कत चलती रही। इस बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि ईडी की टीम रामपुर पहुंच जाएगी। न तो सपाइयों को इसकी उम्मीद थी और न ही आजम खां के अधिवक्ताओं को। अदालत में रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी और दूसरी ओर ईडी अपनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी थी।
दोनों तरफ से चल रही इस कानूनी कवायद का नतीजा शाम को जेल के गेट पर देखने को मिला। आजम खां के जेल से बाहर आते ही ईडी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिस रिहाई के लिए दिनभर अदालत में भागदौड़ होती रही, वह कुछ ही पलों में दूसरे घटनाक्रम में बदल गई। समर्थक और सपाई आजम खां के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जेल के गेट पर ईडी की मौजूदगी और कार्रवाई ने सभी को हैरत में डाल दिया। ईडी की टीम आजम खां को अपने साथ ले गई। पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि रिहाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे पैरोकारों और अधिवक्ताओं को भी आखिरी समय तक ईडी की इस कार्रवाई का अंदाजा नहीं लग सका। दिनभर जिस रिहाई को लेकर हलचल रही, शाम को उसी पर ईडी की कार्रवाई भारी पड़ गई। ऐसे में आजम खां की जेल से बाहर आने की घड़ी तो आई, लेकिन बाहर निकलते ही वह एक नए कानूनी शिकंजे में घिर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, रामपुर कोर्ट में ईडी की ओर से आजम खां को हिरासत में लेने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही आजम खां से जुड़े पैरोकार और अधिवक्ता सक्रिय हो गए। उन्हें अंदेशा था कि ईडी की कार्रवाई के चलते रिहाई में अड़चन आ सकती है। ऐसे में उन्होंने तेजी दिखाते हुए अदालत से रिहाई के परवाने जारी कराने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने की कोशिश शुरू कर दी। दिनभर इसी को लेकर कानूनी मशक्कत चलती रही। इस बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि ईडी की टीम रामपुर पहुंच जाएगी। न तो सपाइयों को इसकी उम्मीद थी और न ही आजम खां के अधिवक्ताओं को। अदालत में रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी और दूसरी ओर ईडी अपनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी थी।
विज्ञापन
दोनों तरफ से चल रही इस कानूनी कवायद का नतीजा शाम को जेल के गेट पर देखने को मिला। आजम खां के जेल से बाहर आते ही ईडी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिस रिहाई के लिए दिनभर अदालत में भागदौड़ होती रही, वह कुछ ही पलों में दूसरे घटनाक्रम में बदल गई। समर्थक और सपाई आजम खां के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जेल के गेट पर ईडी की मौजूदगी और कार्रवाई ने सभी को हैरत में डाल दिया। ईडी की टीम आजम खां को अपने साथ ले गई। पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि रिहाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे पैरोकारों और अधिवक्ताओं को भी आखिरी समय तक ईडी की इस कार्रवाई का अंदाजा नहीं लग सका। दिनभर जिस रिहाई को लेकर हलचल रही, शाम को उसी पर ईडी की कार्रवाई भारी पड़ गई। ऐसे में आजम खां की जेल से बाहर आने की घड़ी तो आई, लेकिन बाहर निकलते ही वह एक नए कानूनी शिकंजे में घिर गए।
विज्ञापन