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Rampur News: राममय हुई रजा लाइब्रेरी, चित्रों के जरिये बताई जा रही रामगाथा
Wed, 25 Mar 2026 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 25 Mar 2026 02:01 AM IST
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रामपुर। राम नवमी के मौके पर रामपुर रजा लाइब्रेरी पर भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी चार अप्रैल तक चलेगी।
राम नवमी के मौके पर भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी मंगलवार से शुरू हो गई। इसका उद्घाटन पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र एवं वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय गजरौला के प्रोफेसर मधु चतुर्वेदी ने किया। प्रदर्शनी में भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा, त्याग एवं धर्म के प्रति उनके समर्पण को विभिन्न दुर्लभ चित्रों, पांडुलिपियों एवं साहित्यिक स्रोतों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में कंब रामायण, मानस-पीयूष, जगमोहन रामायण (उड़िया भाषा), श्री रंगनाथ रामायण (तेलुगु), श्री मोल्ल रामायण (तेलुगु), कृत्तिवास रामायण (बंगला), गिरिधर रामायण (गुजराती), मैथिली रामायण, शत्रुंजय रामायण (असमिया), अध्यात्म रामायण (मलयालम) तथा भानुभक्त रामायण (नेपाली) रामायण का प्रदर्शन किया गया।
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इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में रामचरितमानस की चुनिंदा चौपाइयों को अत्यंत आकर्षक एवं कलात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला की प्रोफेसर मधु चतुर्वेदी ने अपने भाव कविता के जरिये प्रस्तुत किए।
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राम नवमी के मौके पर भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी मंगलवार से शुरू हो गई। इसका उद्घाटन पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र एवं वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय गजरौला के प्रोफेसर मधु चतुर्वेदी ने किया। प्रदर्शनी में भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा, त्याग एवं धर्म के प्रति उनके समर्पण को विभिन्न दुर्लभ चित्रों, पांडुलिपियों एवं साहित्यिक स्रोतों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
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प्रदर्शनी में कंब रामायण, मानस-पीयूष, जगमोहन रामायण (उड़िया भाषा), श्री रंगनाथ रामायण (तेलुगु), श्री मोल्ल रामायण (तेलुगु), कृत्तिवास रामायण (बंगला), गिरिधर रामायण (गुजराती), मैथिली रामायण, शत्रुंजय रामायण (असमिया), अध्यात्म रामायण (मलयालम) तथा भानुभक्त रामायण (नेपाली) रामायण का प्रदर्शन किया गया।
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इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में रामचरितमानस की चुनिंदा चौपाइयों को अत्यंत आकर्षक एवं कलात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला की प्रोफेसर मधु चतुर्वेदी ने अपने भाव कविता के जरिये प्रस्तुत किए।