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Rampur News: एक पायदान खिसका रामपुर, यूपी-112 की रैंकिंग में प्रदेश में दूसरा स्थान
Sat, 03 Oct 2026 11:13 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:13 PM IST
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रामपुर। यूपी-112 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में अगस्त तक नंबर एक पर रहा रामपुर सितंबर में एक पायदान नीचे खिसक गया। सितंबर की रैंकिंग में जिले को 92.84 अंक मिले और रामपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। लगातार बेहतर प्रदर्शन के बावजूद इस बार जिला पहले स्थान से फिसल गया।
यूपी-112 की रैंकिंग में पीआरवी के औसत प्रतिक्रिया समय, सूचना मिलने के बाद उसे स्वीकार करने, घटनास्थल के लिए रवाना होने और वहां पहुंचने के समय को प्रमुख आधार बनाया जाता है। एसपी अनिल सिंह शिशोदिया के अनुसार इसके साथ पीआरवी की उपलब्धता, फोन करने वाले की प्रतिक्रिया, आरओआईपी गतिविधि, घटना समापन व्यवस्था, समय से पहले घटनास्थल पर पहुंचने और सतर्कता जांच रिपोर्ट के आधार पर भी जिलों का मूल्यांकन किया जाता है। रामपुर का यूपी-112 के प्रदर्शन में लगातार बेहतर रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2024 में सितंबर से दिसंबर तक जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। वर्ष 2025 में भी जनवरी से दिसंबर तक कई महीनों में रामपुर ने पहला स्थान हासिल किया। वर्ष 2026 में जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल तथा जून, जुलाई और अगस्त में भी जिला प्रदेश में प्रथम रहा। मई में रामपुर दूसरे स्थान पर था। एसपी के अनुसार अगस्त में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद सितंबर की रैंकिंग में रामपुर दूसरे स्थान पर पहुंच गया। इस तरह एक महीने में जिले की रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट दर्ज हुई है।
कई मानकों पर तय होती है रैंकिंग
यूपी-112 की रैंकिंग केवल एक आधार पर तय नहीं होती। पीआरवी के घटनास्थल पर पहुंचने का औसत समय, वाहनों की उपलब्धता, फोन करने वाले से मिली प्रतिक्रिया और घटनाओं के निस्तारण समेत कई बिंदुओं पर अंक दिए जाते हैं। इन्हीं के आधार पर प्रदेश के जिलों की रैंकिंग तैयार की जाती है। सितंबर में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद रामपुर ने 92.84 अंक हासिल किए हैं। अब आने वाले महीनों में जिले की रैंकिंग इन सभी मानकों पर प्रदर्शन के आधार पर तय होगी।
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यूपी-112 की रैंकिंग में पीआरवी के औसत प्रतिक्रिया समय, सूचना मिलने के बाद उसे स्वीकार करने, घटनास्थल के लिए रवाना होने और वहां पहुंचने के समय को प्रमुख आधार बनाया जाता है। एसपी अनिल सिंह शिशोदिया के अनुसार इसके साथ पीआरवी की उपलब्धता, फोन करने वाले की प्रतिक्रिया, आरओआईपी गतिविधि, घटना समापन व्यवस्था, समय से पहले घटनास्थल पर पहुंचने और सतर्कता जांच रिपोर्ट के आधार पर भी जिलों का मूल्यांकन किया जाता है। रामपुर का यूपी-112 के प्रदर्शन में लगातार बेहतर रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2024 में सितंबर से दिसंबर तक जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा था। वर्ष 2025 में भी जनवरी से दिसंबर तक कई महीनों में रामपुर ने पहला स्थान हासिल किया। वर्ष 2026 में जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल तथा जून, जुलाई और अगस्त में भी जिला प्रदेश में प्रथम रहा। मई में रामपुर दूसरे स्थान पर था। एसपी के अनुसार अगस्त में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद सितंबर की रैंकिंग में रामपुर दूसरे स्थान पर पहुंच गया। इस तरह एक महीने में जिले की रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट दर्ज हुई है।
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कई मानकों पर तय होती है रैंकिंग
यूपी-112 की रैंकिंग केवल एक आधार पर तय नहीं होती। पीआरवी के घटनास्थल पर पहुंचने का औसत समय, वाहनों की उपलब्धता, फोन करने वाले से मिली प्रतिक्रिया और घटनाओं के निस्तारण समेत कई बिंदुओं पर अंक दिए जाते हैं। इन्हीं के आधार पर प्रदेश के जिलों की रैंकिंग तैयार की जाती है। सितंबर में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद रामपुर ने 92.84 अंक हासिल किए हैं। अब आने वाले महीनों में जिले की रैंकिंग इन सभी मानकों पर प्रदर्शन के आधार पर तय होगी।
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