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Moradabad: समथर के महाराज रणजीत सिंह जूदेव के निधन से नूर महल में शोक
Thu, 09 Mar 2023 05:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 09 Mar 2023 05:25 PM IST
सार
नवेद मियां ने बांसी के राजा जय प्रताप सिंह और महाराज रणजीत सिंह के परिजनों से बात कर शोक संवेदना व्यक्त की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। नवेद मियां उनके तेहरवीं संस्कार में सम्मिलित होने के लिए समथर जाएंगे।
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noor mahal
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश की रियासत रहे समथर के महाराज रणजीत सिंह जूदेव के निधन से रामपुर के शाही घराने में शोक का माहौल है। नूर महल पर लगा शाही ध्वज शोक स्वरूप झुका दिया गया है। अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने महाराज के परिजनों से बात कर गम का इजहार किया है।
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पूर्व मंत्री नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि दिवंगत महाराजा रणजीत सिंह जूदेव समथर के अंतिम शासक महाराजा राधा चरण सिंह जूदेव बहादुर के पुत्र थे। महाराजा रणजीत सिंह सात बार विधायक, एमएलसी और गृह मंत्री रहे थे। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया उनकी समधन हैं। महाराजा की बेटी निहारिका की शादी वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह से हुई है। वो कुंडा से विधायक राजा भैया के सगे मामा थे। इसके अलावा भी महाराजा की रिश्तेदारी कई अन्य राजघरानों से रही।
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उन्होंने बताया कि 1935 से 1950 तक गुर्जर शासक रहे महाराजा राधा चरण सिंह जूदेव और फिर उनके पुत्र महाराजा रणजीत सिंह जूदेव से रामपुर के राजपरिवार का बहुत अच्छा संबंध रहा है। इसी वजह से उनके निधन से शाही परिवार के सभी लोगों को बेहद अफसोस हुआ है। उनके निधन की खबर मिलते ही गुरुवार को नूर महल पर लगा ध्वज शोक स्वरूप झुका दिया गया।
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पूर्व सांसद बेगम नूरबानो और पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने उनके निधन को अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया और कहा कि महाराजा रणजीत सिंह जूदेव बहुत अच्छे इंसान थे। नवेद मियां ने बांसी के राजा जय प्रताप सिंह और महाराज रणजीत सिंह के परिजनों से बात कर शोक संवेदना व्यक्त की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। नवेद मियां उनके तेहरवीं संस्कार में सम्मिलित होने के लिए समथर जाएंगे।